कूड़े से कूड़ेदान का सफ़र : घर वापसी
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इतिहास के हाशिये पढ़ते थे नमाज़
बीनते थे कूड़ा
इतिहास पर स्याही पोती
कूड़ा साथ आया
नया इतिहास रचा
मंदिर के घंटे बजाये
कूड़ा ही मिला
इतिहास मोड़ा
फिर मकान बदला
कूड़ा संग हो लिया
इतिहास का कूड़ा
वर्तमान का कूड़ा
जीवन में बस कूड़ा
8/18/2015
(आगरा में कूड़ा बीनने वाले मुस्लिमों को हिंदू बनाने और ठीक से न स्वीकारने के बाद पुन: वापस आने पर )
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