Saturday, December 26, 2020

काँटे

 पाँव से निकालूँ कैसे कितने काँटे 

मेर आगे कोई काँटे बिछाता गया 

Sunday, November 22, 2020

हम केवल प्रतिक्रिया करते हैं

 हम केवल प्रतिक्रिया करते हैं

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इन दिनों क्रिया नहीं करते हम 

बस प्रतिक्रिया करते है


वे ऐसा ही चाहते हैं 

हमने अब सोचना छोड़ा

दिमाग़ पर ताला जड़ा


हम डर गये डरा दिये गये

क्या वे जीत गये हैं ?

हम पस्त हो गये हैं ?


क्या हम मर गये हैं ?


   बी    चा  ला


Friday, November 6, 2020

झूठ का बोलबाला

 झूठ का बोलबाला 

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उसने एक बार ‘सच’ शब्द बोलने का प्रयास किया 
ज़बान ऐंठने लगी
मुँह सूख गया
‘सच’ गले में फँसा
मुँह से बाहर न निकला
झूठ को पुकारा 
‘झूठ’ अंदर तैयार बैठा था 
दौड़ा चला आया
सच पर आवरण डाला
जब भी अब मुँह खोलता है 
झूठ धड़ल्ले से बाहर निकलता है

☘️ ज स बी र   चा व ला

गोबर ज्ञान एवं अन्य ३

 सच मत बोल •🐥कौआ काट लेगा 

एक जज की मौत

न्याय कौन करेगा

?


सच मत बोल •🐥•कौआ काट लेगा

" गाय का गोबर न्युक्लियर बम के विकिरण को कम कर देगा "

पढकर 😀 हँसा.फिर फूट फूट कर 😪रोया


पद्मावत

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मोदी पर उँगली उठाने पर हाथ कटेंगे.

भंसाली का सिर,दीपिका की नाक कटेगी.

इनाम देंगे

"भक्तों को तालीबान/आईएसआईएस की फ़्रेंचाइज़ी मुबारक"


सच मत बोल •🐥कौआ काट लेगा

पद्मावत रिलीज़ नहीं हुई एमपी में बेन.

ठीक.गाँधारी की आँखो पर पट्टी थी.

ऐसे ही सौ पुत्र पैदा नहीं हुए.


पद्मावती राष्ट्रमाता नहीं विश्वमाता है.

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पद्मावती पद्मावत के अनुसार सिंहल में जन्मी जो की सात समन्दर पार है. ?

माने पश्चिम की ओर अरेबियन सी,बे आफ अदन.डेड सी,रेड सी,मेडेट्रियन सी,पार कर अटलांटिक ओशन तक दूर कहीं सिंहल होगा.


अब सात समंदरों में सागर,महासागर,खाड़ी.गल्फ सब थे या पता नहीं और इनके कहीं पार होगा सिंहल.


"ओह पद्मावति तुम हमारी राष्ट्रमाता हो.बहुत दूर जन्मी हो.तुम तो विश्वमाता हो"

                                            😀👻😀


स्वंयभू संत रामपाल का 'सतलोकआश्रम देखा.पहले भी संत / बाबाओं का वैभव देखकर मुंह में पानी आता था अब लार टपकनें लगी.


🌑सोचता हूँ कि रामपाल का 'सतलोकखाली है.क्यों  जेल में रामपाल के साथ 'एमओयूसाईन किया जाये.वह अभी बरसों तक मुक़दमों / जेल में रहेगा.


🌑रामेठमलानी शायद उसके वक़ील बनेंवे दाऊद,हिंदुजा और आसाराम तीनों के वक़ील रहे हैं और 'बाबाओं के विशेषज्ञहैं'.


🌑आश्रम का नाम / रामपाल का नाम चलता रहेगा.बडा ब्रांड है.

ईमानदारी से सारी नेट कमाई से रामपाल को मुक़दमे लड़ने के लिये दी जायेगी.


🌑फेसबुक के मित्र जो इस नये क्षेत्र में अपनी क़िस्मत आज़माना चाहते हैं उनका स्वागत है.अक्सर कहते कि फँला बाबा से हम अच्छा प्रवचन कर सकते हैं.


🌑हम अपना भी 'संत मंडलबनाकर 'भावनात्मक आध्यात्मिक ठगीकर सकते हैं.

🐸

व्यापार में अनंत संभावनाएँ हैं.गाना वाना,संगीत वंगीत,नाच वाच वाले पार्टनर को अलग से बोनस दे सकते हैं.,'मेसेन्जर आफ गॉडबाबा गुरमीत राम रहीम इंसाँ इन कामों में 'आल इन वनहै.


बाकी शर्तों / सुझाव के लिये फेसबुक खुला है.


 कबीर से क्षमा सहित

"जसबीर खड़ा बाजार में लेकर फेसबुक हाथ

जो   चाहे   जग  लूटना  चले    हमारे   साथ //🐝//

🔴

बाबा लोग अध्यात्म बेचते बेचते दंत मंजन और देसी वियाग्रानुमा दवाइयाँ क्यों बेचने लगते हैं.

बाबा रामदेव/श्री श्री रविशंकर/आसाराम.             🐸


सच मत बोल •🐥कौआ काट लेगा 

 जयपुर में अर्जेन्टीना के नागरिक को गौवंश ने पटक कर मार डाला!

साँड़ बचा

केसरिया बालम पधारो म्हारे देस

🐸 ख्याल आया क्यों न दिगम्बर 'तरुण सागर' जी कुछ दिन उत्तरी ध्रुव पर अहिंसा और अपरिग्रह का पाठ वहाँ के 'एस्किमो' को 'ईग्लू' में पढ़ायें 😝


हजारों   साल   राजनीति   अपनीं  बे-नूरी  पे रोती  है
बड़ी मुश्किल से पैदा होता है कोई संबित पात्रा जैसा

पाकिस्तान की कड़ी से कड़ी निंदा की 
  बासी कढ़ी तक में उबाल आ गया
                       🐥
तीसरे रोमन सम्राट केलिगुला को अपने खुदा होने पर यक़ीं था.उसके मरते ही रोमवासियों ने उसकी मूर्तियां तोड़ दी.आज संसार में उसकी कोई मूर्ति नहीं है.
-स्वामी जसानंद.

मोदी  🗣 की 🤫  सुनो 
वो   तुम्हारी  👂  सुनेगा 
तुम पाँच ✋ रुपैया दोगे 
वो  पन्द्रह 🤲🏻 लाख देगा

'राफ़ेल' देश का सबसे बड़ा 'विदेशी' घोटाला है.
नोटबंदी देश का सबसे बड़ा 'स्वदेशी' घोटाला है.

"हम यहाँ भी खाते हैं-हम वहाँ भी खाते हैं"


//  कुछ चेनल के एँकर पिछले जन्म के 'श्रापग्रस्त' कुत्ते हैं.टी वी पर गजब का भौंकते हैं //

-जसपुराण,सर्ग ४ सूत्र २०

हाँ पंकज रिया घर से बाहर निकली है ..कार में बैठ रही है..पंकज रिया ने दरवाज़ा खुद खोला या ड्रायव्हर ने..खुद खोला...बड़ी खबर ..इस वक्त की बड़ी खबर ..रिया अपने फ्लेट से बाहर निकली..कार की तरफ़ धीरे धीरे बढ़ी..कार का दरवाज़ा खुद खोला..हाँ खुद खोला ..बड़ी खबर आ रही है ..रिया ने कार का दरवाज़ा खुद खोला...हाँ खुद खोला..पंकज मुझे सुन पा रहे हो ना ..(एंकर उल्लास से) बड़ा सवाल..जी हाँ..बड़ा सवाल..रिया ने कार का दरवाज़ा खुद खोला ..पंकज पता करो ..ऐसा क्यों हुआ.हाँ पंकज मैं तुम्हें सुन रहा हूँ..तुम्हें लगता है कि ड्रायव्हर के हाथ सेनेटाइज्ड नहीं थे,इसलिये उसने दरवाज़ा नहीं खोला...ड्रायव्हर के हाथ सेनेटाइज्ड नहीं थे..(किलकते हुए) रिया की कार का दरवाज़ा अपने हाथ से नहीं खोला..रिया ने खोला.....पंकज...पंकज...क्या रिया के पास कार में रखने के लिये १०० एम एल की सेनेटाइजर की शीशी नहीं है ...क्या उसके पास इतने भी पैसे नहीं है.(चीखते हुए).बड़ी खबर...रिया के पास सेनेटाइजर की बोतल के पैसे नहीं...हमने पहले ही कहा था..रिया सुशांत के पैसे से मौज कर रही थी...सुशांत की मौत के बाद रिया के पास पैसे नहीं ...सेनेटाइजर की शीशी के पैसे भी नहीं...हाँ रिया फिर कार से निकली है....रिया फिर कार से निकली ..पहले भी कार से निकली थी..पंकज ..पंकज..(एंकर अब हाँफने लगता है)..किधर गई रिया...फिर फ्लेट में घुस गई..(हाँफते हुए) गार्ड से पूछो...हाँ गार्ड हमारे साथ जुड़ गया है..भाई तुम कौन हो ..अच्छा गार्ड  हो ..कब से गार्डगिरी कर रहे हो..अच्छा तीन साल से..पहले कभी देखा कि रिया दो बार कार से निकल कर फ्लेट में घुसी ..नहीं देखा.गार्ड ने भी रिया को कभी दो बार कार से निकल कर अंदर जाते नहीं देखा...इस वक्त की बड़ी खबर...क्या कह रहे हो..रिया फिर निकली...जी हाँ रिया फ्लेट से तीसरी बार बाहर निकली ..उसके हाथ में लाल रंग का पर्स है....लाल रंग के पर्स के साथ रिया फिर बाहर निकली...लिपिस्टिक का रंग गहरा हो गया है...ज़रूर किसी से मिलने जा रही होगी(एंकर रहस्यमयी मुद्रा में आँख दबाता है)..पंकज.. क्या है उस पर्स में ..(जिज्ञासु होकर एंकर)क्या होगा उसमें ...ड्रग..ड्रग ..सुशांत के लॉकर की चाबी...ड्रग ही होगी...(उतावला होकर)पंकज...पंकज ...(मायूसी से)..लगता है पंकज से हमारा संबंध टूट गया है.

जैसे ही पंकज से हमारा संबंध जुड़ता है हम आपके पास आते हैं.आप किसी और चेनल पर धोखा खानें मत चले जाइये.हम हैं ना.
****
#अंधी_सुरंग_में_फंसी_कार_और_देश
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🔵 अंधकार में सन्नाटे को चीरती हुई एक काली कार सुरंग में प्रवेश करती है.चारों तरफ़ से उल्लुओं, सियारों, चमगादड़ों,की आवाज़ें बार बार सन्नाटे को भंग करती है.कार में कई नक़ाबपोश बैठे हैं.किसी के चेहरे पहचाने जाते नहीं जाते,न किसी की आवाज़ सुनाई देती है.आगे बैठे एक चेहरे पर रोशनी बार बार फ्लेश होती है.

🔵 अचानक कार रूप बदल कर एक देश बन जाती है,जो अंधेरी गुफा में प्रवेश कर चुकी है.सुरंग से निकलने का कोई रास्ता नज़र नहीं आता.कार चल नहीं रही.कार का इंजन बंद पड़ा है.कार के नीचे की धरती चल रही है.जैसे ट्रेडमील के नीचे का पट्टा वहीं वहीं चलता है.मणिकर्णिका में कंगना का टूटी टांगों वाला टॉय घोड़ा चलता नहीं,वहीं ऊपर नीचे होता है.तभी कार की अगली सीट पर बैठा व्यक्ति कूद कर इस टॉय घोड़े पर बैठ जाता है.वहीं ऊपर नीचे होता है.कारपोरेटस् की विशाल अट्टालिकाओं पर बार बार लंगड़े घोड़े का नाम ‘विकास’ ‘विकास’ फ्लेश होता है.

🔵 कार,घोड़ा,सवार,देश,कारपोरेट बिल्डिंगें बार बार गड्ड मड्ड होते हैं.देश के पैरों के नीचे की ज़मीन खिसक रही है.बिजलियाँ कड़क रही,बादल गरज रहे हैं.हर तरफ़ से जिन्नों,भूतों,
डायनों,चुढ़ेलों का अट्टहास बढ़ता जाता है,टीवी पर कुत्ते सतत भौंकते हैं,सन्नाटा निरंतर भंग होता है.कार बार बार दीवारों से टकराती है.क्रेश होती है.

      🔴कार को अंधी सुरंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता नज़र नहीं आता.🔴

😀 इमरान खान और मोदीजी की सुनी हुई अत्यंत गोपनीय वार्ता.😀

इमरान-"हलो मोदीजी,असल्लाम वाले कुम"
मोदीजी-"सलाम वा...अरे जय श्रीराम बोल"
इमरान-"जय श्रीराम,आदेश करें मोदीजी"
मोदीजी-"अभिनंदन तुम्हारे यहाँ है ना ?"
इमरान-"जी..जी,जी नहीं..जी" (अंदर के सूत्रों की खबर,इमरान हकला रहा है,डर के मारे उसकी घिग्गी बँध जाती है.पता चला कि सारा पाकिस्तान थर थर काँप रहा था)
मोदीजी-"सुन,जी जी,जी..नहीं,क्या कर रहे हो,कल शाम तक अभिनंदन वापस नहीं आया तो छोड़ूँगा नहीं,खरोंच भी नहीं लगनी चाहिये उसे"
इमरान-"जी सर,वो तो ऐसे ही हवा के झोंके से इधर आ गया था.हमनें उसे खिला पिला कर सुला दिया.कल नये कपड़े पहिना कर भेज देंगे.और कोई हुकुम."
मोदीजी-"याद रखना,हमारे पास परमाणु बम हैं,हमनें दिवाली पर फोड़नें के लिये नहीं रखे हैं."
इमरान-"सर हमारे तो 'डिफ्यूज' हो गये हैं,नवाज शरीफ जेल में बंद है और फ्यूज अपनें साथ ले गया है.अब हमारे एटम बम तो बस 'शो-पीस' हैं."ईद पर भी चला नहीं सकते."
मोदीजी-"गड़बड़ करी तो याद रखना,घर में घुस कर मारूँगा,क़त्ल की रात होगी"
इमरान-"जी सर..सदा याद रखूँगा,जय श्रीराम."
🔴
कुकरमुत्तों से फैले वाट्सअप ग्रुप’ वे ‘सुलभ शौचालय’ हैं जहां हर ‘भक्त’ कभी भी ‘निवृत्त’ हो सकता है.

                                -🦉स्वामी जसानंद.

कुकरमुत्तों के समान फैले वाट्सअप ग्रुप वे सुलभ शौचालय हैं जहाँ हर भक्त ‘हग’ सकता है या दूसरे भक्त को ‘हग’ कर सकता है.

Tuesday, September 15, 2020

संसद में दलील

 संसद में दलील

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आँकड़ा चाहिये 

आँकड़े बिना मुआवज़ा नहीं 

लॉकडाउन में कितने बेरोज़गार हुए

रास्तों में कितने मज़दूर मरे

सरकार ने गिना नहीं

सरकार मौतों की जवाबदार नहीं

☘️ जसबीर 



Wednesday, September 2, 2020

टीवी के देसी कुत्ते

 टीवी’ के देसी कुत्ते

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ए मालिक तेरे कुत्ते हम,

कैसे भी हों हमारे करम

कितना भी भौंके

किसी पर भी भौंकें

बस कृपा बनी रहे हम पर

ए मालिक तेरे कुत्ते हम.

Wednesday, August 5, 2020

हृदय परिवर्तन:आपदा में अवसर

हृदय परिवर्तन:आपदा में अवसर 
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पेशेवर हत्यारे थे  
पेशा छोड़ दिया
श्मशान / क़ब्रिस्तान के धंधे में घुसे 
ताबूत / पीपीकिट का ठेका लिया
कोरोना देव कृपा करे
धंधा फलफूल रहा 

☘️ जसबीर चावला 

Saturday, May 9, 2020

कोरोना वायरस

कोरोना वायरस
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दरवाज़े पर खटखट हुई
बाहर हिंदू वायरस खड़ा था
कहा बाबा आगे जाओ
फिर आहट हुई
मुसलिम वायरस आया
उसे चलता किया
क़तार में कई सांप्रदायिक वायरस थे
बोर्ड लगा दिया
यहाँ इंसान बसते हैं
आगे जाओ
हाँडियाँ लिये कई खड़े है
अपनी दाल वहीं गलाओ
*

कोविड १९

कोविड-१९
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बंद किये अख़बार
कोरोना के डर से
ई-पेपर / टीवी बंद किये 
सांप्रदायिक वायरस से ग्रसित थे 
दूरी बनाई ‘सोशल मीडिया’ से 

तो भी क्या मुक्त हूँ ?
क्या आश्वस्त हूँ ?

लॉक डाउन

लॉकडाउन
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कोई जीये / कोई मरे
मेरी बला से
बोलो मत
सुनो ‘मन की बात’
मन को लॉकडाउन करो
चुप रहो बस चुप रहो

सिग्नल पर सवार कोरोना वायरस


सिग्नल पर सवार कोरोनावायरस
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          बाहर कोरोना घूम रहा था
              दरवाज़ा खटखटाया
                    मैं अंदर था
                   दूरी बना ली
                कोरोना लौट गया
      दरवाज़े को तुरंत सेनिटाइज किया
                           🔸
कोरोना सांप्रदायिक सिग्नल पर सवार हुआ
                     टीवी में घुसा 
           अख़बारों के पन्नों पर पसरा 
                   हिंदू मुस्लिम बना
                ख़तरनाक म्यूटेशन हुआ
                  ‘घृणा वायरस’ बना
                    घर घर पहुँच गया

                  

Wednesday, January 1, 2020

इतना सन्नाटा क्यों है

इतना सन्नाटा क्यों है
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मैं कश्मीरी नहीं था
चुप रहा
असमिया नहीं था
चुप रहा
उत्तर पूर्व के राज्यों से जुड़ा नहीं था
चुप रहा
दक्खिन का नहीं था
चुप रहा
मुसलमान नहीं था 
चुप रहा
आदिवासी दलित नहीं था
चुप रहा

आज मेरे दरवाज़े ठक ठक है
बंदूक़ की बट से टूट रहा दरवाज़ा 
खिड़कियों  से कोई क्यों नहीं  झांक रहा ?
आज मोहल्ले में इतना सन्नाटा क्यों है ?

☘️ जसबीर चावला