Saturday, August 27, 2016

करप्ट जीपीएस

करप्ट जीपीएस
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मेरे स्मार्ट फोन का 'जीपीएस' करप्ट हुआ
एप 'रनकीपर' चंचल हुआ 
आँकड़ों को गलत सलत आँकने लगा
ऊँची ऊँची हाँकने लगा
अपनी ही फेंकने लगा

मैं सैर में चला बलिश्त भर
वह गजों में नापने लगा

Friday, August 26, 2016

सरोगेसी की अर्थ नीति

सरोगेसी की अर्थ नीति
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बीज डिंब कारपोरेट
वंचित की कोख सरोगेट

अच्छे दिन आयेंगे
विकास पैदा होगा
कुछ टुकड़े जननी को 
उसका भी भला होगा

Thursday, August 25, 2016

कश्मीर के स्वर्ग में नर्क और कर्फ़्यू

कश्मीर के स्वर्ग में नर्क और कर्फ़्यू

धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है
यहीं है यहीं है यही हैं
हमी अस्तो हमी अस्तो हमी अस्त

स्वर्ग मे अगर कहीं कर्फ़्यू है 
यहीं है यहीं है यहीं है 
हमी अस्तो हमी अस्तो हमी अस्त
  🌑  
कश्मीर तो धरती पर स्वर्ग है 
यहीं है यहीं हैं यहीं है
हमी अस्तो हमी अस्तो हमी अस्त

स्वर्ग में भी कहीं नर्क है
यहीं है यहीं है यहीं है 
गर फिरदौस बर रूये ज़मी अस्त हमी अस्तो हमी अस्तो हमी अस्त *

* सूफी कवि अमीर खुसरो ने कश्मीर के बारे में फ़ारसी में यह लिखा


🙈    जसबीर चावला 

Monday, August 22, 2016

चिंतित लोगों का देश

चिंतित लोगों का देश
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कश्मीर पर प्रधान मंत्री भी चिंतित हुए
गृहमंत्री सतत चिंतित हैं
हालात पर उनकी नजर है
रक्षामंत्री अमीर खान के बयान पर चिंतित
वित्तमंत्री पहले ही चिंतित थे
अब गृहमंत्री की भाषा बोलने लगे
विदेशमंत्री चिंतित मौन
एचआर मंत्री के माथे पर बल
चिंता की मारी कपड़ा मंत्री
उदास गंगासफाई मंत्री
सब डूबे हैं देश की चिंता में
चिंता का स्तर बहुत ऊँचा उठा
खेलमंत्री तक चिंतित हो गये
फटाफट रियो से सेल्फी ले आये

🙈  जसबीर चावला

एक ठिठका हुआ देश

एक ठिठका हुआ देश 

सब चल रहे हैं
लाल क़िला चल रहा
भाषण चल रहा
कश्मीर तेजी से चल रहा
पत्थर पेलेट गन चल रहे
राजनीति चल रही
धर्म गाय की जुगलबंदी चल रही
नोटबंदी चल रही
विपक्ष की हाय हाय चल रही
हिंसा चल रही
मंत्री की ज़ुबान चल रही
जुमला चल रहा
टीवी अखबार पर राष्ट्रवाद चल रहा
बलूचिस्तान में नया सिक्का चल रहा
बस देश ठिठका हुआ है


सनद बाँटने वाले

सनद बाँटने वाले
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वतन परस्ती की आज सनद जो बाँट रहे
जंगें आजादी में खैरख्वाह थे हुक्काम के 

Saturday, August 20, 2016

पहिचान का संकट

कपड़ों से पहचान:पहचान का संकट

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‘दाढ़ीधारी हिंदू’ बछड़े के साथ था 

मुसलमान समझा,मार दिया 

भीड़ भरी बस में अकेला 'मोना सिख' 

हिंदू समझ कर मार दिया

पगड़ीधारी सिख था

गले में टायर डाला,जला दिया

विदेश में मुसलमान समझ कर मार दिया

दलित मरे ढोर की खाल उतार रहा था

गौ हत्यारा कह कर मार दिया

‘पहचान का संकट' बढ़ा है इन दिनों 

कुछ कपड़ों से आदमी को पहचानते हैं 

सब नहीं कर पाते 

कुछ करना होगा

'आधार कार्ड' गले में टंगा हो

'पासपोर्ट' जेब में हो 

नग्न होना होगा

गफ़लत न हो मारने वाले को

वक्त पर मारे सही आदमी को

☘️जसबीर चावला



Sunday, August 14, 2016

ओलम्पिक में खेलमंत्री

ओलम्पिक में खेलमंत्री
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      जाओ रियो
      खाओ पियो
      कटाओ नाक
  जियो गोयल जियो

Wednesday, August 3, 2016

ऊँची कुर्सियाँ

ऊँची कुर्सियाँ
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कुर्सियों के कान नहीं होते
कुर्सियाँ बहरी होती हैं
कुर्सियों की आँख नहीं होती
कुर्सियाँ अँधी होती हैं
कुर्सियों में स्पंदन नहीं होता
कुर्सियाँ ठिठकती नहीं
कुर्सियों में चेतना नहीं होती
कुर्सियाँ संवेदना शून्य होती हैं
सबसे ऊँची कुर्सियाँ
पूर्ण दिव्याँग होती है

🌿 जसबीर चावला

आदमखोर

आदमखोर 
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क्या जंगली भेड़िया ही हिंस्र है ?
दादरी ऊना इटावा मंदसौर
जंगल नहीं शहर हैं 
इंसान ही बनें भेड़िये 
आदमखोर