कुंभ हुआ महाकुंभ :कविता महा कविता
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अब पंचायत नहीं महा पंचायत होती है
प्रसाद महाप्रसाद
प्रभु महाप्रभु
रैली कहाँ महा रैली होती है
आरती नहीं महा आरती
यज्ञ महायज्ञ
आंदोलन बने महा आंदोलन
शिवरात्रि हुई महा शिवरात्रि
राणा गये महाराणा आ गये
नायक सदी के महानायक हुए
अब घोटाला नहीं महा घोटाला होता है
शांति गई महा शांति हुई
यात्रा महा यात्रा हुई
पंडित महा पंडित हुए
धूर्त महा धूर्त हुए
संत भी चरित्र हीन नहीं महा चरित्र हीन हैं
राजनीति में अब ढेरों महा कमीन हैं.