Tuesday, September 25, 2018

बड़ी सोच/लघु कथा

बड़ी सोच 
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तपती दोपहर को चौराहे पर लालबत्ती होनें पर लग्ज़री कार रुकी.
कार के दरवाजे पर ठक ठक हुई.कार चलानें वाली युवती ने देखा कि एक जवान लड़की बच्चे को गोद में उठाये उससे भीख मांग रही है.

युवती ने कार का शीशा नीचे किया और अपना पर्स खोल कर उसमें से सनक्रीम की शीशी निकाल कर उस भिखारिन को देते हुए कहा -“इस दोपहर में खुद भी सन सनक्रीम लगा और बच्चे को भी लगाकर भीख माँग इससे तुम दोनों की त्वचा भी सुरक्षित रहेगी और तू भी लंबे समय तक जवान रह कर भीख मांग सकेगी”

चौराहे पर हरी बत्ती हो चुकी थी.लग्ज़री कार स्टार्ट हुई और तेज़ी से आगे बढ़ गई.

Wednesday, September 19, 2018

हम विषपाई जनम के


हम विषपाई जनम के
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चौथा स्तंभ गिरने के मूक दृष्टा हैं 
न्याय की देवी को पट्टी हटाते देखा
संसद निस्तेज हुई
मछली बाजार बनी
सँविधान को मरते देखा
ढहते लोकतंत्र के तमाशबीन बने 
अपनी आत्मा को मरते देखा 
गुलाम होने के साक्षी बने 

☘ जसबीर चावला