Wednesday, May 31, 2017

खेला प्रचार का



खेला प्रचार का
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अखबार वस्त्र नहीं हैं
रंगीन विज्ञापनों से शरीर नहीं ढँकता
काठ के डोलते घोड़े पर बैठा आत्म मुग्ध नायक
हवाई कामों का पीट रहा डंका

टीवी स्टूडियो में गाय
कौओं की काँव काँव 
मन में छुपा बच्चा झूठ नहीं बोलता 
हाथी पर बैठा नंगा है राजा है


☘ ज स बी र  चा व ला

Friday, May 26, 2017

नक्कारखाने में तूती की आवाज

नक्कारखाने में तूती की आवाज
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ऊपर से फ़रमान आया
जश्न मनाओ 
ढोल पीटो
गाँव गली तक संदेश पहुँचा 
पीटो 
पीटो 
लोग पिट रहे
मर रहे
वे पीट रहे

पिटने की आवाज कैसे ऊपर पहुँचे 
वहाँ जोर जोर से ढोल पिट रहे 

☘ ज स बी र  चा व ला

Wednesday, May 17, 2017

इतिहास नहीं चश्मा बदलो

इतिहास नहीं चश्मा बदलो
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मैंने हजार साल के इतिहास को बुहार दिया
बादशाहों को गर्दन पकड़ निकाल दिया
स्याही पोत दी उनके हर नाम और काम पर
बाबर,हुमायूँ,अकबर,जहाँगीर,शाहजहाँ को बेकिताब किया
बहादुरशाह ज़फ़र भी हकाले गये
पन्ने फाड़े मंगोल,मुग़ल,लोधी,गुलामवँश के
ताजमहल को तेजोमहल किया
कुतुब,लाल क़िला तंबू से ढक दिया
🩸
देखा,इतिहास से खून का रिसाव रुका नहीं
हर तरफ़ तलवारों/टापों की आवाज़ थी
दक्षिण में चोल,चेर,काकितेय,राष्ट्रकूट,पँडियन,पल्लव लड़ रहे
चोल राजेन्द्र साम्राज्य को इंडोनेशिया तक ले गये
उत्तर में चंदेल,परमार,सोलंकी,प्रतिहार तलवारें भाँज रहे
कोशल,मगध की सीमा मौर्य गुप्त बड़ा रहे
बंगाल के पाल सेन लड़ रहे
राजपूत,मराठे,सिक्ख तोपें दाग रहे
दरबारों में सामंत भाई-भाई षड्यंत्रों में लिप्त दिखे
रानियाँ इन सबमें शामिल थीं 
इतिहास की हर पंक्ति खून से लथपथ थी
कौनसा धर्म था जहाँ मार काट नहीं मची थी ?
जैन बौद्ध शैव वैष्णव सब लड़ रहे
आँखें फोड़ रहे,घट्टे में सिर पीस रहे
राजाओं बादशाहों की समान लिप्सा थी
सम्राटों नवाबों की एक ही किताब थी
🩸
दुराग्रही खोल से बाहर निकलो
हूण शक यूनानी अरब सब बाहर से आये
घर बसाया इस वतन के हुए
देश की मिट्टी में मिली सबकी मिट्टी
जाने किसकी रगों में किसका खून है
जनता की बात करो
मुर्दों की नहीं मुद्दों की बात करो
🩸
इतिहास के पन्नें नहीं अपना चश्मा बदलो
वक्त बीत रहा है चश्में का नंबर बदलो

Wednesday, May 10, 2017

भेड़िये का रूपांतरण

रूपांतरण
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भेड़िया पहले भी आता था
वक्त के दबाव से चोला बदला
भेड़ की खाल ओढ़ी
समय बदला
गाय बना
यहीँ आसपास ही रहता है
भेड़िया अब कहीं नहीं जाता

Tuesday, May 9, 2017

निर्भया को न्याय मिला

निर्भया को न्याय मिला
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मोमबत्तियाँ जली 
टीवी अखबार जागे
सुप्रीमकोर्ट ने देखा
ऊँघते राष्ट्र की सामूहिक चेतना जाग चुकी 
फैसला दिया 
निर्भया को मर कर न्याय मिला

गर्भवती बिलकिस भी गेंगरेप का शिकार बनी
छोटी बच्ची पटक कर मारी गई
चौदह परिजन मरे
बिलकिस बानो अभी जिंदा है
उम्मीद है न्याय की देवी पट्टी हटायेगी
राष्ट्र की सामूहिक चेतना जागेगी