Friday, March 9, 2018

भेड़िये

भेड़िये
———

पहले जंगल में रहते थे भेड़िये
उनकी पहचान साफ थी
अब भेड़ का बाना ओढ़ा 
घर के पास रहने लगे हैं
दिन रात दाँत पेनें करते 
गुर्राते भेड़िये
अब कहीं नहीं जाते भेड़िये

Monday, March 5, 2018

ना समझ

ना समझ
———-
नासमझ  लोग समझदार हो गये 
कुल्हाड़ी के लिये  पेड़ उगाने लगे.

समझदार कुछ और समझदार हुए
अपने पैरों पर कुल्हाड़ी  मारने लगे.