काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
न्यायिक यात्रा
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‘न्याय देवी’ की पट्टी खुली है
नोटों के बोरों से न्याय मिलेगा ॥
नोटों की राख का तावीज़ बनेगा
मी लार्ड की बाजूओं पर बँधेगा ॥
जज की जो हर बाधा दूर करेगा
न्याय मित्र का उसे दर्जा मिलेगा ॥
🦉जसबीर चावला