ये लड़कियाँ क़स्बे की
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ऊन के फँदे डालती
गाँठ लगाती
सपनों को बुनती उधेड़ती
मंद मुस्कुराती
किताबों में फूल भूल जाती
ये लड़कियाँ क़स्बे की
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रस्सी का फँदा बनाती
गाँठ लगाती
घर की इज़्ज़त बचाती
खुशी खुशी
झट फाँसी पर झूल जाती
ये लड़कियाँ क़स्बे की
🌿 जसबीर चावला