Thursday, October 29, 2015

युद्ध की मानसिकता

 युद्ध की मानसिकता
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देश में युद्ध चल रहा 'इन दिनों'

दनादन दगते कटाक्ष के गोले 
शब्दों के ज़हर बुझे तीर 
तुरही नाद नगाड़े जय घोष
देश कुरुक्षेत्र बना
देश में हाँका पड़ा 
सतत महाभारत घट रहा 
युद्धोन्माद है 'इन दिनों'

हुँकार रैली महारेली 
परिवर्तन शँखनाद रेली
धिक्कार रेली थू थू रेली
स्वाभिमान रेली
गलाफाड़ बकवास रेली
सब तरफ़ चित्कार हाहाकार
रेलियों की रेलमपेली 'इन दिनों'

जो भी योद्धा है इस युद्ध का
भौंक रहा अपनें हिस्से का
आइने में देखता हूँ अपना चेहरा
घबरा जाता हूँ
आँखें लाल हुईं हैं
हिंस्र हुआ जाता है
मेरी भृकुटि भी तनी रहती है 'इन दिनों'

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