गोल घेरे में घूमती औरत
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वर्जनाओं का दायरा बढ़ा
खिंच रही लक्ष्मण रेखाएँ
लुभाते नये हथकंडे
गोल घेरे में घूमती औरत
बाड़े में बंद औरत
अपने हिस्से का ढूंढ रही आसमान
अपनें हिस्से का मकान
अपनें हिस्से का मकान
लक्ष्मण घेरे से बाहर था
अब भी बाहर है
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