काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Saturday, June 23, 2018
इन दिनों
इन दिनों
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ये राजनीति है आसां बस इतना समझ लीजिये
इक कुण्ड भरा है गंदगी का और डूब के रहना है
Friday, June 15, 2018
आवाज़ें
आवाज़ें
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आवाज़ें दबाई जायेगी
आवाज़ें मारी जायेंगी
उठेगें
आवाज़ों के जनाज़े
आवाज़ें फिर भी आयेंगी
*'राइजिंग कश्मीर' के संपादक शुजात बुख़ारी की श्रीनगर में गोली से हत्या पर.
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