Tuesday, December 13, 2016

हॉय पिंकी

हॉय पिंकी
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ब्लेकमनी 'ब्लेक' कहाँ रही
दो हजारी नोटों में बदली
'पिंक' हुई तो पिंकमनी कहें
छोटे में 'पिंकी' कहैं
'गुलाबो' पुकारें 'रोज़ी' कहैं
दिल्ली में महापँडित से पूछें
वहाँ सब कुछ हो जाता है
दरबार में 'विकलांग' जाता है 
आते हुए 'दिव्यांग' हो जाता है

मौत राशन की लाईन में भी आती है

मौत राशन की लाईन में भी आती है 
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नोट की लाईन में मरे कई 
मौत राशन की लाईन में भी आती है 
नेता ने सच कहा
नेता और मौत कभी भी आ सकते हैं
कहीं भी आ सकते हैं
बेबस ही क्यों मरता है लाईन में 
सदियों से खडा है लाईन में 
खड़े खड़े जो मरवा रहा है उसे 
वह मरेगा कब लाईन में 

देह त्यागता देश

देह त्यागता देश
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मेरा देश जाग रहा 
सँडास को भाग रहा 
दरवाज़े की कुँडी खटखट
आधी अधूरी त्याग रहा है
मेरा देश जाग रहा है

फ़ाईल से पेनकार्ड मांग रहा 
तेजी से बैंक को भाग रहा 
नोट की लाईन में लगा
खड़े खड़े देह त्याग रहा है
मेरा देश जाग रहा है

दिल्ली में दूल्हा सज रहा 
राग दरबारी बज रहा 
अम्माँ तेरे बेटे की गजब बात
पानी में झाग उठा रहा है
मेरा देश जाग रहा है

* नोटबंदी के दिन

मारने वाले

मारने वाले
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जनेऊ दिखाते 
क्रास दिखाते
इजारबंद सरकाते 
तय था मारा जाना 
कमाल के धार्मिक हैं
मारनेवालों में जुगलबंदी है 

Thursday, December 8, 2016

आप क़तार में है

आप क़तार में है

आप क़तार में हैं कृपया प्रतीक्षा कीजिये
ठग्गू हलवाई का ठेका है नोट तलने का 
नये करारे नोट के लिये प्रतीक्षा कीजिये
आप क़तार में हैं
गर्भवती हैं कतार में लगिये
गर्भ में वित्तमंत्री का हाथ नहीं 
प्रसव हुआ घबरायें नहीं
नवजात को क़तार में लगा दें
देश का अनुशासन न तोड़ें
थकें तो पैरों से आलोम विरोम करें
मरें तो पोस्टआफिस से 'गंगाजल' लें
अँत्येष्टि में सब नोट चलेंगें 
सीमा पर सैनिक गोली खा रहे है
यहाँ आप लाठी नहीं खा सकते
बूढ़े पैशाब की थैली हाथों उठायें हैं
आप अपनी शादी का कार्ड लाये हैं
घर में खानें को नहीं कैंसर है
अधीर न हों देश निर्माण प्रगति पर है
लकडबग्घों की सनक भरी हँसी के लिये 
आप क़तार में हैं कृपया प्रतीक्षा कीजिये

Sunday, December 4, 2016

द्वारपाल जज

द्वारपाल जज
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ताक पर हो संविधान 
'मौलिक अधिकार’ के पन्ने चिपक जायें
द्वार पर राष्ट्रगान सुनता ऊँघता जज 


सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो


Saturday, December 3, 2016

सिनेमा मे राष्ट्रगान

सिनेमा में राष्ट्रगान
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पाषाणयुग में लौटें
चलें साढ़े तीन लाख साल पुरानी 'तबुन गुफ़ा' में
सीखने में देर क्या अबेर क्या
आग जलाना सीखें
राष्ट्रभक्त बनें
रोज सिनेमा जायें
जन गण मन गायें

*इजरायल में तबुन की गुफ़ा में आदिमानव द्वारा आग प्रयोग के चिन्ह मिलते हैं