न्यायिक यात्रा
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‘न्याय देवी’ की पट्टी खुली है
नोटों के बोरों से न्याय मिलेगा ॥
नोटों की राख का तावीज़ बनेगा
मी लार्ड की बाजूओं पर बँधेगा ॥
जज की जो हर बाधा दूर करेगा
न्याय मित्र का उसे दर्जा मिलेगा ॥
न्यायिक यात्रा
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‘न्याय देवी’ की पट्टी खुली है
नोटों के बोरों से न्याय मिलेगा ॥
नोटों की राख का तावीज़ बनेगा
मी लार्ड की बाजूओं पर बँधेगा ॥
जज की जो हर बाधा दूर करेगा
न्याय मित्र का उसे दर्जा मिलेगा ॥
हाकिम को चिट्ठी लिखी मरदूद तुम पर लख लख लानत है.
बेशर्म नामाकूल का जवाब आया हम सब यहाँ सलामत हैं.
इमरान खान और मोदी की सुनी हुई अत्यंत गोपनीय वार्ता.
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इमरान-"हलो मोदीजी,असल्लाम वाले कुम"
मोदीजी-"सलाम वा...अरे जय श्रीराम बोल"
इमरान-"जय श्रीराम,आदेश करें मोदीजी"
मोदीजी-"अभिनंदन तुम्हारे यहाँ है ना ?"
इमरान-"जी..जी,जी नहीं..जी" (अंदर के सूत्रों की खबर,इमरान हकला रहा है,डर के मारे उसकी घिग्गी बँध जाती है.पता चला कि सारा पाकिस्तान थर थर काँप रहा था)
मोदीजी-"सुन,जी जी,जी..नहीं,क्या कर रहे हो,कल शाम तक अभिनंदन वापस नहीं आया तो छोड़ूँगा नहीं,खरोंच भी नहीं लगनी चाहिये उसे"
इमरान-"जी सर,वो तो ऐसे ही हवा के झोंके से इधर आ गया था.हमनें उसे खिला पिला कर सुला दिया.कल नये कपड़े पहिना कर भेज देंगे.और कोई हुकुम."
मोदीजी-"याद रखना,हमारे पास परमाणु बम हैं,हमनें दिवाली पर फोड़नें के लिये नहीं रखे हैं."
इमरान-"सर हमारे तो 'डिफ्यूज' हो गये हैं,नवाज शरीफ जेल में बंद है और फ्यूज अपनें साथ ले गया है.अब हमारे एटम बम तो बस 'शो-पीस' हैं."ईद पर भी चला नहीं सकते."
मोदीजी-"गड़बड़ करी तो याद रखना,घर में घुस कर मारूँगा,क़त्ल की रात होगी"
इमरान-"जी सर..सदा याद रखूँगा,जय श्रीराम."
फिजूल की चीज़ें
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कई चीज़ें गैर जरूरी हैं
शरीर में अपेंडिक्स
संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्षता / समाजवाद
मूल कर्तव्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण / मानववाद
लोगों में समरसता / समान भ्रातृत्व
धर्म / भाषा/ प्रदेश / वर्ग पर आधारित भेदभाव से परे होना
शुद्ध अंत:करण से कर्तव्य निर्वहन
फिजूल की चीज़ों से छुटकारा पायें
शरीर/देश को तंदुरस्त बनाएँ
🌑 क्योंकि उन्हें शक है 🌑
उन्हें शक था.
ईरान ने परमाणु बम बना लिये.
वे पैदाइशी शक्की हैं.
संसार के स्वयंभू पट्टाधारी कोतवाल.
बंकर बस्टर बम बी-2 बॉम्बर के मालिक.
रेसिपी थी तो हलुआ बनाना ही था.
ईरान पर बम गिरा दिये.
उन्हें शक था.
उन्हें पहले भी शक हुआ था.
इराक़ ने रासायनिक हथियार बनाये हैं.
सद्दाम को फाँसी पर चढ़ा दिया.
इराक़ को नेस्तनाबूद कर दिया.
उन्हें पहले भी शक हुआ था.
🔴
क्योंकि उन्हें शक था.
अख़लाक़ के फ्रिज में है गोमांस.
मारने का डीम्ड लायसेंस उनके पास.
अख़लाक़ को मार दिया.
क्योंकि उन्हें शक था.
शक की गुंजाइश नहीं थी.
व्यापारी पशुओं का परिवहन कर रहे थे.
पीट पीट कर उनकी हत्या कर दी.
कुछ नहीं बिगड़ेगा हत्यारे जानते थे.
शक की गुंजाइश नहीं थी
क्या किसी को कोई शक था ?
किसी को शक नहीं था.
सारे भेड़िये जानते थे क्या कहानी गढ़ना है.
मेमने को खाना है.
क्या किसी को कोई शक था ?
जो चाहो मिलेगा
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क्योंकि ठान लिया है
कुरुक्षेत्र में कौरव पांडव का गाँव ज़रूर मिलेगा
खुदाई चल रही है
महाभारत के अवशेष मिलेंगे
थेह पोलार गाँव ख़ाली होगा
इंद्रप्रस्थ के लिये अंग्रेजों ने खुदाई की
उन्हें नहीं मिला
सनातनियों को ज़रूर मिलेगा
एक दिन युधिष्ठिर का हस्तिनापुर भी मिलेगा
क्योंकि ठान लिया है.
क्योंकि ठान लिया है
क़ुदरती एडम ब्रिज लाखों साल पुराना था
उसे राम सेतु नाम मिला
बेट द्वीप पर कृष्ण की डूबी द्वारका मिली
अयोध्या में राम का जन्मस्थान मिला
सीता की रसोई मिली
पंचमड़ी में पांडवों की गुफा मिली
मदरांचल पर्वत बिहार के बाँका में मिला
भरत की खड़ाऊ भी मिलेगी
क्योंकि ठान लिया है
क्योंकि ठान लिया है
दिन दूर नहीं इसरो का नभ यान उड़ेगा
आकाश में इन्दर सभा है
रंभा अप्सरा मिलेगी
करवा चौथ करती चंद्रमा की सत्ताइस पत्नियाँ मिलेंगी
राहू-केतु मिलेंगे
उधर शेषनाग धरती उठाए पाताल लोक में मिलेगा
इधर देश में हर ‘धर्म लोक’ बनेंगे
वर्ष भर धर्म मेले लगेंगे
धर्म का घँधा चरम पर होगा
क्योंकि ठान लिया है
क्योंकि ठान लिया है
पुरातत्त्व विभाग कड़ियाँ जोड़ेगा
पुराण गवाही देंगे
मुहर लगाने अदालतें मिलेंगी
जज मिलेंगे
मुखौटे ओड़े अंध भक्त मिलेंगे
मीडिया के भोंपू मिलेंगे
‘महामना’ के क्लोन मिलेंगे
जो चाहो सो मिलेगा
क्योंकि ठान लिया है
*
(फुट नोट)
क्योंकि जब ठान लिया है
फ़र्ज़ी बाबा जसबीर चावला मिलेंगे
ज़रूर मिलेंगे ज़रूर मिलेंगे ज़रूर मिलेंगे
जब ठान लिया है.
*
रंभा हो हो हो संभा हो हो हो.संभा हो हो हो ….
क्रांति अपने बच्चों को खा जाती है
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‘कैसे बढ़े कंपनी का मुनाफा’
रमेश ने चैलेंज स्वीकारा ॥
‘एआई टूल’ बनाया
‘एआई’ ने सुझाया ॥
कर्मचारियों की छँटनी होगी
‘टूल किट‘ कोडिंग कर लेगी ॥
कंपनी बहुत खुश हुई
पीठ रमेश की ठोकी॥
‘एआई’ ने छँटनी की लिस्ट बनाई
सबसे पहले रमेश ने नौकरी गँवाई ॥
हिटलर यहूदी होता तो क्या होता ?
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नाजी एडोल्फ हिटलर जर्मन न होता
यहूदी होता
क्या करता ?
आज कहाँ होता ?
हिटलर तेल अवीव इज़राइल में होता
भूखे फ़िलिस्तीनियों पर गोली चलाता
लेबनान में क्लस्टर / फास्फोरस बम फोड़ता
गाजा,वेस्ट बेंक,लेबनान को कुतरता
जमीन कब्जाता
सीरिया से छीनता गोलन हाइट
अस्पतालों पर बम डालता
मारता बच्चों को स्कूल में
ईरान को वीरान कर देता
उसका नाम एडोल्फ हिटलर न होता
बेंजामिन नेतन्याहू होता.
🦉 जसबीर चावला
ढोल कौन बजायेगा
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पारित बिल पर
कुंडली मार
राज्यपाल ‘बिल’ में बैठ जाये
कौन बिल को खोदेगा ?
‘बिल’ को बिल से बाहर निकालेगा कौन ?
?
जाग कर
सोने का नाटक करे
राष्ट्रपति बिसरा दे बिल को
कौन उसे झँझोड़ेगा ?
ढोल बजायेगा कौन ?
?
संविधान,सुप्रीम कोर्ट और कौन ?
🦉 जसबीर चावला
न्यायिक यात्रा
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‘न्याय देवी’ की पट्टी खुली है
नोटों के बोरों से न्याय मिलेगा ॥
नोटों की राख का तावीज़ बनेगा
मी लार्ड की बाजूओं पर बँधेगा ॥
जज की जो हर बाधा दूर करेगा
न्याय मित्र का उसे दर्जा मिलेगा ॥
🦉जसबीर चावला