काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Friday, December 15, 2017
इंसान और भेड़िया
नीच इंसान और भेडिया
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तुम इंसान नहीं हो
भेड़िये हो
गाली देकर पछताया
भेड़िये ने मेरा क्या बिगाड़ा था
मैंने भेड़िये से पुरज़ोर माफी माँग ली
धारदार
धारदार
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जो रेतनें के क़ाबिल हैं
कुँद छुरी से
क्यों लिखूँ उनके लिये धारदार कविता
कैसा हो ईश्वर
कैसा हो ईश्वर
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मूक,बधिर,
दृष्टिहीन न हो
पाषाण न हो
संचेतन,संवेदनशील हो
ग्रँथों में ही सिमटा न हो
नया ईश्वर बनाया जाये
विकलांग ईश्वर हटाया जाये
अपना अपना धर्म
अपना अपना धर्म
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क्या कौए से कहोगे काँव काँव बंद करे ?
टीवी के नाग डँसना बंद करें ?
सियार रोक दे हुआ हुआ ?
मैंडक छोड़ दें टर्राना ?
न कहें कुत्तों से कि न भौंके
उनका धर्म है भौंकना
धर्म पालन करने दें
कुत्तों को आज़ादी से भौंकने दें
☘ जसबीर चावला
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