Sunday, June 30, 2019

इस वीडियो के कुछ दृष्य विचलित कर सकते हैं

इस वीडियो के कुछ दृष्य विचलित कर सकते हैं
——————————————––-–—

अब कोई वीडियो विचलित नहीं करता
न करेगा
सात घंटे तपती धूप में खंबे से बँधा तबरेज अंसारी 
पिटता रहा 
मर गया तबरेज अंसारी 
सबने देखा
कोई विचलित न हुआ
सब भीड़ में तमाशबीन थे
हौंसला अफजाई थे
*
कहाँ तक विचलित हों अब 
मर चुकी चेतना 
कब तक रोयें ?
*
सामूहिक बलात्कार हो या हत्या 
मूक दृष्टा हैं हम 
क्या हम गुनाहगार हैं ?
क्या हम भी भागीदार हैं ?

☘  जसबीर चावला







सर्वव्यापी राम

सर्वव्यापी राम
—————

क्या तुम वहाँ थे राम ?
खंबे से बाँधकर कोई मारा जा रहा था
दलितों की चमड़ी सरेआम उघेड़ी जा रही थी
फ्रिज में गाय ढूँढी जा रही थी
पिटने मरनें वाले आर्तनाद कर रहे थे
त्राहिमाम ! त्राहिमाम !
हमें बचाओ हमें बचाओ
शंका है क्या तुम वहाँ थे राम ?

'बोल जय श्री राम'

☘ जसबीर चावला

खैरख्वाह

खैरख्वाह 
—••—

नया निज़ाम है
खैरख्वाह है
खैर माँगो 
किसी की खैर नहीं 

☘ जसबीर चावला 

Saturday, June 8, 2019

अजीब जंग-नजीब जंग

जो व्यक्ति कभी 'छुट्टी' नहीं लेता वह सारी उम्र 'अकेला छुट्टा' घूमता रहता है
-परम पूज्य स्वामी जसानंद महाराज
😜
मैं ग्यारह फ़िल्मे एक साथ बनाना चाहता हूँ.सलाह दें कि फिल्मों के इन नामों पर "सैंसर की कैंची" तो नहीं चलेगी ? ऐसा न हो कि रिलीज़ न होनें से घर के बर्तन भी बिक जायें.(इन फिल्मों के सब किरदार असली हैं)
😜
"व्यापंम एक सतत जाँच कहानी"
"व्यापंम से  सिंहस्थ तक"
"न्याय की चौखट पर दम तोड़ती व्यापंम कथा"
"व्यापंम प्रदेश में आपका स्वागत है"
"दूर व्यापंम की छाँव में"
"ए कातिबे तक़दीर मुझे इतना बता दे क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है तू क्या व्यापंम मैंने किया है"
"आओ व्यापंम व्यापंम खेलें"
"मन नंगा तो व्यापंम में गंगा.
"बाबुल मोरा व्यापंम छूटो ही जाय"
"भोपाल : व्यापंम प्रदेश की जननी"
"व्यापंम ना ही छूटे राम चाहे कुर्सी जाये"

😫😀

"बाइब्रेंट गुजरात" हो सकता है - "उड़ता पंजाब" क्यों नहीं
-जसानंद
😀
अदीब जंग-नजीब जंग
—-———————
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की चुनी हुई 'आप' सरकार और दिल्ली के लाट साहब मेरा मतलब लेफ़्टिनेंट गवर्नर के बीच एक 'नज़ीब जंग माफ करें अजीब जंग' चल रही है.मुझे इसका एक हल सूझा है.

🐸 १: आज ही मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल अपनें ६७ विधायकों के साथ एक शानदार पालकी लेकर (पालकी जयपुर,उदयपुर,या मैसूर राजभवन से उधार माँगी जा सकती है) राजभवन जाएँ और ससम्मान गवर्नर साहब को उसमें बिठाएँ.

🐸 २ :पालकी को आगे अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कँधा दें और पीछे संजय सिंह  के साथ दल के वरिष्ठ सदस्य बारी बारी से कँधा दें.(अतिरिक्त में मैं भी इस लिये उपलब्ध हूँ कि यह सुझाव मेरा है) पीछे पीछे ६७ विधायक गाते चलें "आलकी पालकी जै दिल्ली के लाट की" और "मेरा यार बना है दूल्हा और फूल खिले हैं दिल के"
🐸 ३ : बाजे गाजे के साथ शाही सवारी राष्ट्रपति भवन,प्रधानमंत्री निवास, पार्लियामेंट हाउस,उच्चतम न्यायालय का चक्कर लगाकर दिल्ली की सडकों पर घूम कर दिल्ली विधान सभा में पहुँचे.

🐸 ४ : विधान सभा स्पीकर लेफ्टिनेंट गवर्नर की अगवानी झुक कर करें...उन्हे पालकी से सम्मान के साथ उतारें.

🐸 ५ : मुख्यमंत्री,उप मुख्यमंत्री,स्पीकर तीनों ..एलर्जी को ...माफ करें.. एल.जी.को राजसी सिंहासन पर विधानसभा में बैठाएँ .

🐸 ६ : मुख्यमंत्री घोषणा करें कि अब एल.जी ही दिल्ली के मुख्यमंत्री,राज्यपाल सब कुछ हो गये हैं.और वे अपना राजकाज बीजेपी के तीन सदस्यों की मदद से चलायेंगे.पार्श्व में धुन बजती रहे -"ए मालिक तेरे बंदे हम ऐसे हों हमारे क़रम  नेकी पे चलें और बदी से टलें ताकि हँसते हुए निकले ये दम"

🐸 ७ : मुख्यमंत्री केजरीवाल सहित 'आप' पार्टी के सारे ६७ सदस्य विपक्ष में बैठें.केजरीवाल नेता विपक्ष होंगे पर उन्हे इसकी संवैधानिक मान्यता नहीं होगी न ही कोई अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी.वे अपना ख़र्च चंदे से जुटाए.

🐸 ८ : जब तक यह सरकार चलेगी संविधान ताक पर रहेगा और "दिल्ली की जनता का मेंडेट" जैसे शब्दों का प्रयोग असंसदीय माना जायेगा.

मुझे विश्वास है कि इन क़दमों को उठानें से "दिल्ली की नज़ीब जंग...माफ करें...ज़बान बार बार फिसल जाती है..अजीब जंग समाप्त होगी.

आप क्या कहते हैं मितरों ..सुझाव दें ताकि दिल्ली की जनता की आकांक्षाएँ पूरी हे सकें. 
                                                                                                                              

Friday, June 7, 2019

गोबरज्ञान एवं अन्य २

मवाली-"मैं मोदीजी को ही वोट दूँगा" 
टपोरी-"क्यों" ?
मवाली-"मोदीजी हमारी ही भाषा बोलते हैं "
टपोरी-"दिल खुश हुआ.मैं भी उन्हें ही वोट दूँगा.


" समय से 'राफेल' खरीद लिये  जाते तो 'महाभारत' में कौरवों के विरुद्ध 'पाँडव ब्रिगेड' के जनरल अर्जुन युद्ध का फैसला पहले ही दिन कर देते "
- अटार्नी जनरल ऑफ मोदीस्तान,सुप्रीम कोर्ट में

" बचपन के जेबकतरे बच्चे राजनीति में जाकर वित्तमंत्री बनते हैं और शादी-समारोहों में नोटों के लिफाफे चुराने वाले प्रधानमंत्री"

स्वामी जसानंद-// नव-चौर्य पुराण//- विक्रमी संवत २०७१

क्यों ?
———

भौंकिये,चाहे जितना
रुकिये 
सोचिये
क्यों भौंके जा रहे हैं इतना ?

☘️ ज स बी र   चा व ला 


जापान में तनाव से मुक्ति दिलानें के लिये 'सप्ताह में एक दिन रोने' को अच्छा माना गया है.
🔴रुलानें के लिये 'टीयर्स टीचर' मदद करते हैं🔴
😢/😜/😁
जापानियों,'वो' हमें रोज रुलाता है 'प्रिंसिपाल' की जरुरत हो तो बताएँ.

शांति के प्रतीक कबूतर को किसी समारोह में हवा में छोड़ने के पहले क़ैद करना पड़ता है.-स्वामी जसानंद

गाँधी 
—••— 

यहाँ गाँधी से दूरी है 
विदेश में  मजबूरी है
😀
आल इन वन
—————
😆 वे अकेले ही हैं अपनी एक्शन / ड्रामा / हॉरर / इमोशनल 
फ़िल्म के प्रोड्यूसर / डायरेक्टर
😞 स्टोरी / स्क्रिप्ट / डायलाग रायटर
😜 स्टंटमेन / फायटर 
😁 विलेन / हीरो


😝विदूषक 
😎 और हीरोईन 😍
           ❓
  "😌/😢/😨/😪"
है भी / नहीं भी
बोलती है / बोलती नहीं
          ❓

सारे देवी-देवता नाक-कान से या अजीब ढंग से कभी तुरंत कभी बरसों के बाद पैदा हुए.
अधीर न हों.
'विकास' भी मुँह से ही पैदा होगा भले ही और देर लग जाये.
😀
'हलाल' 
वाले भी सोचते हैं कि रोज पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ानें से अच्छा है
'झटका' 
एक ही बार में भाव बढ़ा दें.
😀


चूँ चूँ का मुरब्बा के लिये एक इंटरव्यू



टीवी चेनल CCKM (चूँ चूँ का मुरब्बा) के लिये लिया गया एक इंटरव्यू.इंटरव्यू किसका है आप समझें,पर पोलिटिकल नहीं है .😜 
🔴 सर आप इस उम्र में भी ऊर्जावान हैं,आपको इतनी ऊर्जा कहाँ से मिलती है
🔵 दिल्ली में बदरपुर थर्मल पावर प्लांट से.
🔴 सर आपको खट्टी डकारें आ रही हैं,क्या गैस की प्राबल्म है ?
🔵 नही.उज्जवला योजना से गैस बराबर मिल रही है.
🔴 आप क़ुल्फ़ी खाते है ?
🔵 हाँ.🔴 चूसते हैं या दाँतो से कुतरते हैं ?
🔵 चूसते हैं.
🔴 क़ुल्फ़ी टपकती होगी ?
🔵 हाँ,पर मेरा सिद्धांत है एक बूँद भी व्यर्थ न जाये.हथेली लगा लेता हूँ.हथेली चाट लेता हूँ.अमिताभ बच्चन कहते हैं               दो बूँदें ज़िंदगी की.
🔴 क़ुल्फ़ी की डंडी का क्या करते हैं ?
🔵 मैं प्रकृति के संसाधनों की बर्बादी के विरुद्ध हूँ.चाक़ू से छीलकर पतली सींक बना लेता हूँ.रुई लपेट लेता हूँ.इअरबड बन जाती है,कान साफ करनें के काम आती है.कुछ सींक की टुथपिक बना लेता हूँ.दाँत साफ करनें के काम आती है.आम के आम गुठली के दाम.
🔴 सर आप कपड़े बदलते हैं ? 
🔵 मैं कपड़े ही बदलता हूँ.
🔴 आप पानी पीते हैं तो पीकर दिखाएँ ना सर अच्छा लगेगा ?
     (वे पानी पीते हैं)
🔴 वाह गले से नीचे उतरता पानी शानदार लगता है जैसे नियाग्रा फाल आहिस्ता आहिस्ता नीचे उतर रहा हो.
🔵 क्या कहा वियाग्रा फाल ?
🔴 वियाग्रा नहीं सर,नियाग्रा फाल.
   (वे आहिस्ता आहिस्ता सुनकर गुनगुनाते हैं) उतरती जाये है रुख़ से नकाब आहिस्ता आहिस्ता,आहिस्ता आहिस्ता
🔴 आप अच्छा गा रहे हैं पर विरोधी इसका दूसरा ही मतलब निकालेंगे ?
🔵 क्या मतलब ?
🔴 मतलब कि खिसकती जाये है सरकार आहिस्ता आहिस्ता.
 🔵 ठीक है,इस गाने को कट कर देना.
🔴 सर आप सोते कब हैं ?
🔵 मैं अभी भी सो रहा हूँ.
🔴 आप की आँखे खुली हैं सर ?
🔵 मैं खुली आँख सोता हूँ,पता नहीं कब कोई ऊपर की चादर उतार दे.
🔴 आप सपनें देखते हैं ?
🔵 केवल सपनें ही देखता हूँ
🔴 सपनों में क्या दिखता है.
🔵 पर्यावरण बचानें जंगलों को साफ कर रहा हूँ.विकास के रास्ते जो आ रहा है उस पर बुलडोज़र,जेसीबी चला रहा हूँ.लोग चीख चिल्ला रहे हैं कि हमें नहीं चाहिये ऐसा विकास.पर मैं रुकता नहीं.बेचारे उद्योग पतियों का क्या कसूर है.उनका ख्याल कौन रखेगा.

🎯 हम यहाँ एक छोटा ब्रेक लेते हैं.किसी दूसरे चेनल पर धोखा खाने मत चले जाईयेगा.हम जल्दी ही लौटते हैं 🎯

गोबरज्ञान एवं अन्य १

गोबरज्ञान एवं अन्य 
          —•—

उनके 'गोबर विज्ञान' से सहमत हूँ,पर सीताजी 'टेस्ट ट्युब बेबी' नहीं थी.
उन्हें 'कुँभ कन्या' या 'मटका बेबी' कहा जाना चाहिये.
 😜 
'कुछ लोग' आदमी को मार कर 'मुर्दा' बनाते हैं.
फिर मुर्दे को राजनैतिक 'मुद्दा' बनाते हैं.
😢
मुगलसराय स्टेशन दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन हुआ 
मुग़लई चिकन का नाम क्या होगा ?
 😜 
मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय हुआ-खबर
इस तरह आखिर हिंदुत्व नें मुग़लों से बदला लेकर स्टेशन पर बहादुरी से क़ब्ज़ा किया.
😀
पुस्तकें
—•—
'सत्य के साथ मेरे प्रयोग' - महात्मा गाँधी
 'झूट के साथ मेरे प्रयोग' - महामना .....?
(दूसरी पुस्तक कई खंडों मे प्रकाशनाधीन है)
 😜 
व्यर्थ में किसी विधायक / सांसद मे अंतरात्मा 
की खोज न करें.
अंतरात्मा बहुत पहले ही मर चुकी होती है
-स्वामी जसानंद
अंतरात्मा के मरनें के बाद ही 
विधायक / सांसद का जन्म होता है 

-स्वामी जसानंद
 😜 
विधायक और अंतरात्मा में साँप और नेवले जैसा संबध होता है

-स्वामी जसानंद
 😜 
केदार गुफा
—————

आदि मानव पहुँचा
केदार गुफा
नया जुमला 
फिर एक शिगूफ़ा 
😀

अब जसबीर चावला की पाठशाला में हिंदी की नई वर्णमाला पढ़ाई जा रही है
———————————————————————————

अ-अंबानी,अडानी,अनुच्छेद ३७०,अंधेरे में तीर
आ-आर्थिक मंदी,आँसू 
इ -इज़्ज़त मिट्टी में मिलना 
ई-ईमान बेचना 
उ-उन्नाव,उल्लू बनाना,उंगली करना
 ऊ-ऊँची दुकान फीके पकवान
ऋ-ऋण डुबोना 
ए-एक न सुनना
ऐ-ऐश करना
ओ-ओस की बूँदों से हाथ धोना
औ-औने पौने करना 
अं-अंग ढीले पड़ना
क-कँगला,कारपोरेट,कश्मीर
ख-खँडहर,खटिया
ग-गड्डे ही गड्डे,गच्चा देना,गठरी बाँधना,गिरीराज सिंह
घ-घर उजाड़ना,घंटा बाबाजी का
च-चंडूखाना 
छ-छापे
ज-जुमला,जीएसटी 
झ-झूठे,झूठी शान,झगड़ालू
ट-टपोरी,टरकाना 
ठ-ठग,ठाट बाट
ड-डंडा,डमरु
ढ-ढपोरशंख,ढोल की पोल
ण-
त-तक्षक नाग,तड़ीपार
थ-थाना
द-दमन,दंश
ध-धृतराष्ट्र,धोखा,धूर्त
न-नोटबंदी,नीरव मोदी,नगाड़ा,नाम बड़े दर्शन खोटे
प-पतित,पतंजलि,पक्षपात,पूँजीवाद
फ-फासिज्म,फेंकू
ब-बगुला,बबुआ,बेकारी,बंदरबाँट,बाबरी
भ-भंडा फूटना,भट्टा बैठना,भय
म-मंदी,मत्स्य न्याय,मुलायम सिंह,मायावती
य-यम
र-रथयात्रा,रतिक्रीड़ा
ल-लुटिया डूबना,लंगूर,लालू
व-विजय माल्या,वानर
श-शनिचर
ष-षड्यंत्र करना
स-साधू और शैतान,सनम बेवफा,संकटाचार्य,संक्रमण
ह-हवन,हलाहल,हंटर
क्ष-क्षुद्र
त्र-त्रिशंकु,त्राहि त्राहि 
ज्ञ-ज्ञानचंद
       😜
@ जसबीर  चावला

प्रधानमत्री जी फेंको मगर दायरे में
—————————————
कल प्रधानमंत्रीजी के 'वर्ल्ड बायोफ्यूल डे' पर सुनाई तीन महान कहानियों में से कहानी नंबर दो की 'पोस्टमार्टम' रिपोर्ट.प्रधानमंत्रीजी के अनुसार वे जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो कारों के क़ाफ़िले में उन्होनें सड़क पर स्क्रूटर से जाते एक किसान को देखा.उसके पास ट्रेक्टर के टायर की भरी हुई ट्यूब(प्रधानमंत्री नें हाथ के इशारे और मुखमुद्रा से ट्रेक्टर के बड़े पहिये की ट्यूब बतलाई) थी.इतनी बड़ी की दूसरे वाहनों से टकरानें का खतरा था.
मोदीजी के अनुसार अगर वह ट्यूब में हवा ले जा रहा था तो उसे खाली कर दूसरे स्थान पर पहुँच कर भी भर सकता था(😀)इससे टकरानें का खतरा नहीं होता.अब उन्हें कौन बताये कि कोई भी ट्यूब में हवा का परिवहन नहीं करता.ट्यूब को टायर में फ़िट कर ही हवा भरी जाती है.
प्रधानमंत्री जो तब मुख्यमंत्री थे-उसे रोक कर पूछा कि यह क्या है.उसने बतलाया कि इस ट्यूब में उसके घर के कचरे ओर दो जानवरों के गोबर से बनी गैस है जिसे भर कर खेत में ले जाकर वह अपनें वाटर पंप को चलाता है.

सवाल नंबर 1 - प्रचारप्रिय मोदीजी की यह खबर क्या किसी टीवी/अखबार में छपी,जब पूरी सुरक्षा में चलने वाले मुख्यमंत्री का क़ाफ़िला रुका और मुख्यमंत्री नें स्कूटर रुकवाया और किसान से बात की ? सुरक्षा कारणों के चलते से क्या कोई व्यक्ति ऐसी भरी ट्यूब ले जा सकता है ? सड़कों का सारा ट्रेफिक घंटों रोक दिया जाता है.काफिलों के लिये रोकी गई एंबुलेंस में लोगों नें कई बार प्राण त्यागे हैं.

सवाल नं 2- क्या दो जानवरों और घर के कचरे से इतनी बायोगैस बन सकती है कि ट्यूब में भरी सके ? सामान्यत:८-१० व्यक्तियों के परिवार के कचरे से बने प्लांट से ३०-४० मिनट तक प्रतिदिन चलने वाली अधिकतम गैस बनती है.
सवाल नंबर 3- क्या घर के कचरे से बनी गैस किसी बड़े कंटेनर में स्टोर किये बिना,किसी कम्प्रेशर पंप/यंत्र की मदद के बिना ट्यूब में भरी जा सकती है ? क्या घर में ऐसा स्टोरेज संभव है ? उसकी लागत क्या होगी ?अगर ऐसा परिवहन सच में हो ही रहा था तो ज्वलनशील गैस का परिवहन ऐसे ट्यूब में होने देना क्या उचित था ?

सवाल नंबर 4- क्या ट्यूब में भरी बायोगैस किसी टंकी / टेंक में स्टोरेज किये बिना डायरेक्ट पानी के पंप से जोड़कर पंप चलाया जा सकता है ? अगर नहीं तो स्टोरेज टैंक/एक्सेसरीज़ मिलाकर लागत कितनी बढ जायेगी.
वैसे ऐसे पंपों का इस्तेमाल केवल प्रायोगिक स्तर पर ही है.
कहानी नंबर एक
——————
प्रधानमंत्रीजी नें समाचार पत्र में पढ़ा था(समाचार पत्र का नाम?)उनके अनुसार गंदे नाले के किनारे चाय का ठेला लगाने वाले नें पास के नाले की गैस पर (हाथ के इशारे से मोदीजी ने बर्तन दिखाया.छोटा ही था) बर्तन रख कर उसमें छेद कर पाईप लगा दिया और ठेले पर मिथेन गैस जला कर चाय बनाने लगा.
एक खुले,बहते हुए नाले पर एक छोटे बर्तन से पाईप द्वारा दबाव से निकली गैस से ऐसे चूल्हा नहीं जलेगा.यह संभव नहीं है.

प्रश्न यह नहीं है कि क्या कचरे / नाली से निकली मिथेन / ज्वलनशील गैसों के उपयोग से चाय बन सकती है ? सीवेज / लेंडफिल से निकली गैसों का भंडारन कर उपयोग हो सकता है.सब कुछ बन सकता है.उसकी लागत,वायबलिटी/ क्या होगी अलग बात है.
प्रश्न है कि क्या एक चाय के बर्तन की तली में छेद कर उसमें पाईप लगाकर बहते नाले के पानी पर औंधा रख कर निकली गैस द्वारा चाय बनाई जा सकती जैसा प्रधानमंत्री ने दावा किया ? उत्तर है नही.

     

फिजूल की चीज़ें

फिजूल की चीज़ें 
       —•—

कई चीज़ें गैर जरूरी हैं 
शरीर में अपेंडिक्स 
संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्षता
शपथ में शुद्ध अंत:करण से कर्तव्य निर्वहन
वैज्ञानिक दृष्टिकोण

फिजूल की चीज़ों से छुटकारा पायें
शरीर/देश को तंदुरस्त बनाएँ 

☘ ज स बी र   चा व ला