Sunday, June 30, 2019

इस वीडियो के कुछ दृष्य विचलित कर सकते हैं

इस वीडियो के कुछ दृष्य विचलित कर सकते हैं
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अब कोई वीडियो विचलित नहीं करता
न करेगा
सात घंटे तपती धूप में खंबे से बँधा तबरेज अंसारी 
पिटता रहा 
मर गया तबरेज अंसारी 
सबने देखा
कोई विचलित न हुआ
सब भीड़ में तमाशबीन थे
हौंसला अफजाई थे
*
कहाँ तक विचलित हों अब 
मर चुकी चेतना 
कब तक रोयें ?
*
सामूहिक बलात्कार हो या हत्या 
मूक दृष्टा हैं हम 
क्या हम गुनाहगार हैं ?
क्या हम भी भागीदार हैं ?

☘  जसबीर चावला







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