Saturday, June 8, 2019

अजीब जंग-नजीब जंग

जो व्यक्ति कभी 'छुट्टी' नहीं लेता वह सारी उम्र 'अकेला छुट्टा' घूमता रहता है
-परम पूज्य स्वामी जसानंद महाराज
😜
मैं ग्यारह फ़िल्मे एक साथ बनाना चाहता हूँ.सलाह दें कि फिल्मों के इन नामों पर "सैंसर की कैंची" तो नहीं चलेगी ? ऐसा न हो कि रिलीज़ न होनें से घर के बर्तन भी बिक जायें.(इन फिल्मों के सब किरदार असली हैं)
😜
"व्यापंम एक सतत जाँच कहानी"
"व्यापंम से  सिंहस्थ तक"
"न्याय की चौखट पर दम तोड़ती व्यापंम कथा"
"व्यापंम प्रदेश में आपका स्वागत है"
"दूर व्यापंम की छाँव में"
"ए कातिबे तक़दीर मुझे इतना बता दे क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है तू क्या व्यापंम मैंने किया है"
"आओ व्यापंम व्यापंम खेलें"
"मन नंगा तो व्यापंम में गंगा.
"बाबुल मोरा व्यापंम छूटो ही जाय"
"भोपाल : व्यापंम प्रदेश की जननी"
"व्यापंम ना ही छूटे राम चाहे कुर्सी जाये"

😫😀

"बाइब्रेंट गुजरात" हो सकता है - "उड़ता पंजाब" क्यों नहीं
-जसानंद
😀
अदीब जंग-नजीब जंग
—-———————
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की चुनी हुई 'आप' सरकार और दिल्ली के लाट साहब मेरा मतलब लेफ़्टिनेंट गवर्नर के बीच एक 'नज़ीब जंग माफ करें अजीब जंग' चल रही है.मुझे इसका एक हल सूझा है.

🐸 १: आज ही मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल अपनें ६७ विधायकों के साथ एक शानदार पालकी लेकर (पालकी जयपुर,उदयपुर,या मैसूर राजभवन से उधार माँगी जा सकती है) राजभवन जाएँ और ससम्मान गवर्नर साहब को उसमें बिठाएँ.

🐸 २ :पालकी को आगे अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कँधा दें और पीछे संजय सिंह  के साथ दल के वरिष्ठ सदस्य बारी बारी से कँधा दें.(अतिरिक्त में मैं भी इस लिये उपलब्ध हूँ कि यह सुझाव मेरा है) पीछे पीछे ६७ विधायक गाते चलें "आलकी पालकी जै दिल्ली के लाट की" और "मेरा यार बना है दूल्हा और फूल खिले हैं दिल के"
🐸 ३ : बाजे गाजे के साथ शाही सवारी राष्ट्रपति भवन,प्रधानमंत्री निवास, पार्लियामेंट हाउस,उच्चतम न्यायालय का चक्कर लगाकर दिल्ली की सडकों पर घूम कर दिल्ली विधान सभा में पहुँचे.

🐸 ४ : विधान सभा स्पीकर लेफ्टिनेंट गवर्नर की अगवानी झुक कर करें...उन्हे पालकी से सम्मान के साथ उतारें.

🐸 ५ : मुख्यमंत्री,उप मुख्यमंत्री,स्पीकर तीनों ..एलर्जी को ...माफ करें.. एल.जी.को राजसी सिंहासन पर विधानसभा में बैठाएँ .

🐸 ६ : मुख्यमंत्री घोषणा करें कि अब एल.जी ही दिल्ली के मुख्यमंत्री,राज्यपाल सब कुछ हो गये हैं.और वे अपना राजकाज बीजेपी के तीन सदस्यों की मदद से चलायेंगे.पार्श्व में धुन बजती रहे -"ए मालिक तेरे बंदे हम ऐसे हों हमारे क़रम  नेकी पे चलें और बदी से टलें ताकि हँसते हुए निकले ये दम"

🐸 ७ : मुख्यमंत्री केजरीवाल सहित 'आप' पार्टी के सारे ६७ सदस्य विपक्ष में बैठें.केजरीवाल नेता विपक्ष होंगे पर उन्हे इसकी संवैधानिक मान्यता नहीं होगी न ही कोई अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी.वे अपना ख़र्च चंदे से जुटाए.

🐸 ८ : जब तक यह सरकार चलेगी संविधान ताक पर रहेगा और "दिल्ली की जनता का मेंडेट" जैसे शब्दों का प्रयोग असंसदीय माना जायेगा.

मुझे विश्वास है कि इन क़दमों को उठानें से "दिल्ली की नज़ीब जंग...माफ करें...ज़बान बार बार फिसल जाती है..अजीब जंग समाप्त होगी.

आप क्या कहते हैं मितरों ..सुझाव दें ताकि दिल्ली की जनता की आकांक्षाएँ पूरी हे सकें. 
                                                                                                                              

No comments:

Post a Comment