Thursday, December 26, 2019

कांटे

काँटे
——
अपने पाँव से निकालूँ मैं कितने काँटे 
राह में कोई काँटे बिछाता चला गया

बेचारे नौ डंडे

बेचारे नौ डंडे
—————

डंडे चले,ख़ूब चले
कई बाज़ू तोड़े 
टाँगें तोड़ी,सर फोड़े
नहीं बख्शे गये
माँ बहन,बच्चे बूढ़े  
टूटे दरवाज़े खिड़की
टीवी,वाशिंग मशीन,काँच तोड़े
कार,स्कूटर नहीं छोड़े 

बरसे,जमकर खूब बरसे 
थक कर चूर हुए डंडे 
आख़िर खुद ही टूट गये
शहीद हो गये बेचारे डंडे

☘️ जसबीर चावला 

( उत्तर प्रदेश सरकार नौ टूटे डंडों की क़ीमत आंदोलनकारियों से वसूलेगी )

Thursday, December 19, 2019

नया साल:पुराना साल


नया साल:पुराना साल
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दरवाज़े की चौखट पर नया साल खड़ा था
पीछे मुड़ कर देखा
पुराना ख़ाकी पहने पिछले दरवाज़े से बाहर निकला
छोड़ गया कड़वी यादें
गोलियों के निशान
*
आश्वस्त करे नया साल
पुराने का सहोदर न हो
देश में कुछ रंग भरे
कुछ महक बिखेरे

☘️ जसबीर चावला

Monday, December 16, 2019

लायब्रेरी में लाठी

लायब्रेरी में लाठी
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            लाठी की आँख नहीं होती
                      पुस्तकें नहीं पढ़ती
                      सोचती नहीं लाठी
          लाठी का रिश्ता जिस्म से है
                    सत्ता का हाथ लाठी
             तन/मन पर जख्म छोड़ती
        जामिया की लायब्रेरी में घुसी
           संविधान की धज्जियाँ उड़ी
                             परंपरा निभाई
            निहत्थों की जमकर धुनाई
              अपना धर्म निभाती लाठी

☘️ जसबीर चावला





जनता का गुलदस्ता

जनता का गुलदस्ता
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नेता ने जनता से गुलदस्ता हाथों हाथ लिया
पास खड़े हाथों ने थामा 
उनसे अन्यों ने लिया 
कूड़े में डाला
जनता का यही हश्र हुआ
बिसरा दिया

नाराज़ भेड़ें और भेड़िया

नाराज़ भेड़ें और भेड़िया
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चरवाहे से भेड़ें नाराज़ थी 
घास कम खिलाता है
मूँड़ता खूब है 
कुत्ते से हाँका डलवा कर दौड़ाता है

घाघ भेड़िया सामने आया
भेड़ों का बाना पहना 
मुँह में तृण रखा
क़सम खाई दुख दूर करेगा 
भेड़ों ने भेड़िये को नेता चुन लिया

अब भेड़ों को नींद हराम हुई 
उठ उठ कर गिनती करती भेड़ें 
अट्टहास कर रहा भेड़िया 
भेड़ चाल भी भूल गई भेड़ें 

🦉 जसबीर चावला 



Tuesday, December 3, 2019

पीठ पर हिंदुस्तान

पीठ पर हिंदुस्तान 
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पीठ पर जो लाठी के निशान हैं
छपा हुआ मेरा देश हिंदुस्तान है

पीठ पर संविधान
——————-
सिर फूटा,टाँग टूटी,पीठ पर लाठी निशान है 
वर्तमान का दस्तावेज हैं,देश का संविधान है 

               ☘️ जसबीर चावला

आव्हान जंतर मंतर आओ

आव्हान : जंतर मंतर आओ 
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आँसू गैस की कमी नहीं 
डंडे भी खूब हैं
पेलेट गन पर्याप्त हैं
देश आत्म निर्भर हुआ 
हर्ष का विषय है

जनता बाहर आओ
जंतर मंतर पर तुम्हारा स्वागत है

Saturday, November 30, 2019

अगड़ा-पिछड़ा

अगड़ा-पिछड़ा
——०——
मैं वक्त के आगे था
वक़्त बहुत पीछे
वक़्त तेज चला
संग हो गया
दोनों साथ चले 
वक्त दौड़ने लगा
आगे निकल गया
मैं हाँफ गया
वक़्त रुका नहीं
अब वक़्त का मारा हूँ
पिछड़ा कहलाता हूँ

Thursday, October 10, 2019

आवाज दो हम एक हैं

 आवाज दो हम एक हैं
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एक धमकी देगा
दूसरा औचित्य बतायेगा
तीसरा न्यायसंगत कहेगा
चौथा पुचकारेगा
पाँचवा कुतर्क करेगा
छठा मीडिया में रफ़ू करेगा
सातवाँ मुखौटा लगायेगा
आठवाँ ’मन की बात’ सुनायेगा
आखिर तक कोई चुप लगायेगा
अपने धतकरम पर कोई नहीं शर्मायेगा
अंत में सारा कुनबा रणनीति का जश्न मनायेगा 

☘ ज स बी र   चा व ला

Friday, September 27, 2019

शिवपुरी में बच्चों की हत्या:विधी का विधान

शिवपुरी में बच्चों की हत्या:विधी का विधान
————————————————

लाठी उनकी ईश्वर उनका 
सपनें भी उनके हैं
दबंगों को ईश्वरीय सपना आया            
'बच्चे दलित नहीं,राक्षस हैं'
ईश्वर का आदेश है उनको मार दो
सदियों की सनातन परंपरा है 
जिव्हा काट दो
कानों में पिघला सीसा डाल दो

आदेश का पालन हुआ 
राक्षसों को न मारते तो पाप होता
भगवान का श्राप होता 
कर्म गति है
लिखित विधी विधान है
होता आया है आगे भी होगा
'धर्मयुद्ध' का द्वितीय चरण चल रहा है
'खुले में शौच' मात्र निमित्त है 
रोशनी अविनाश बलि चढ़े हैं 
'दुष्टों के संहार' में कइयों को आगे भी चढ़ना होगा
‘विधी के विधान’ का हर हाल में पालन होगा

(शिवपुरी में सड़क किनारे शौच करते दलित बच्चे रोशनी(१२साल की बुआ)अविनाश(१० साल का भतीजा) को दंबगो नें पीट कर मार डाला.एक को सपना आया था कि दलित राक्षस हैं )

🦉 ज स बी र   चा व  ला 







Tuesday, September 10, 2019

चंद सवाल

चंद सवाल
————

तुमसे सवाल यह नहीं कि  तुमनें सवाल क्यों नहीं पूछा
सवाल है क्या तुम्हें सवाल पूछनें का ख्याल तक आया

तुम सपनें नहीं देखते यह मुद्दा नहीं
मुद्दा है कि तुम्हें  नींद कैसे आती है

तुमनें पत्थर क्यों नहीं फेंका यह सवाल नहीं है
खुद से पूछो क्या तुम्हे पत्थर का ख्याल आया

उन्मत्त हाथी जब उजाड़ रहे थे फ़सलों को
सवाल  है  क्या  तुम शामिल हुए  हाँके में

तुम्हारे मरनें पर मेरा कोई सवाल नहीं
जानता हूँ तुम अब तक जिंदा कहाँ थे

☘ ज स बी र   चा व ला

Tuesday, September 3, 2019

हम और सेंटीनली बाशिंदे

हम और वे
————

सेंटिनल द्वीप के आदिम बाशिंदे 
बाहरी को चेतावनी देते हैं
अनसुना करनें पर मार देते हैं
जश्न नहीं मनाते

भारत के सभ्य बाशिंदे
अपनों को सड़क पर घेरते हैं 
पीट पीट कर मार देते हैं
जश्न का वीडियो बनाते हैं 

कितनें सुसंस्कृत हैं हम ?

☘ ज स बी र  चा व ला


*  सेंटिनल द्वीप (अंडमान) पर जाना वर्जित है.


Wednesday, August 14, 2019

मॉब लिंचिंग : नीतिगत फैसला

मॉब लिंचिंग : नीतिगत फैसला
————–——————

हत्यारे चेहरा नहीं मुखोटा हैं
बिना दिमाग
चाबी से चलने वाले गुड्डे
हत्याएं नीतिगत विचार है
सोचा समझा फैसला
हत्यारे फ़रार नहीं
पड़ोस में झाँककर तो देखो
आपके घर के पास है

☘ ज स बी र   चा व ला

Friday, August 9, 2019

कानून चुपके से काम करता है

कानून चुपके से काम करता है

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अब कानून अपना काम करेगा

अभी तक गैरकानूनी काम होता था 

कानून बहुत दयालु था 

अब कोई बक्शा नहीं जायेगा 

कानून अपना काम करेगा 


कानून के हाथ लंबे हैं 

रसूख़दारों के गिरेबाँ तक नहीं पहुँचते

'बेगुनाह' पकड़े जाएँगे

'गुनाहगार' ही साबित होंगे 

क्योंकि क़ानून के हाथ लंबे हैं 


सब नियमानुसार होता है

घोटाले नियमानुसार होंगे

जाँच नियमानुसार होगी

नियमानुसार बंद होगी

सब कुछ नियमानुसार होता है


कानून चुपके से काम करता है

नीरव माल्या ललित चुपके से भागे 

वापसी के लिये क़ानून काम कर रहा है

जसबीर तुम ज्यादा बोलो मत 

कानून चुपके से काम करता है


☘ ज स बी र  चा व ला



कश्मीर घाटी

कश्मीर घाटी
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बहुत  ख़ुश हैं   इन  दिनों घाटी  के लोग
अपनें  अपनें घरों में बंद हैं घाटी के लोग

टीवी  नैट   फोन   अखबार   सब  बंद  हैं
बिना  खबरों  के मजे में हैं घाटी  के लोग

किसी को अखरोट सेब के बाग नही जाना
बिन  ख़रीदार  नाराज  नहीं  घाटी के लोग

अब मजदूरों को काम की जरुरत कहाँ रही
कितनें  सब्र  जिग़र  वाले हैं  घाटी के लोग

किसी को डल पर शिकारा  चलाना नहीं है
टुरिस्ट बिना गुज़ारा कर लेंगे घाटी के लोग

बच्चों  को  अब स्कूल   कालेज नहीं  जाना  
बिना पढ़े भी  कितने खुश  हैं  घाटी के लोग

बिना   पानी  दवाई दूध  सब  जी  सकते हैं
फिर  भी  कितनें खुशहाल हैं  घाटी के लोग

किसी  जश्न   दावत   शादी  में   जाना   नहीं
कितना  ज्यादा  पैसा बचा रहे   घाटी के लोग

घरों  में  बंद  सब  तीन  सौ  सत्तर खेल  रहे
कितनें   अल्लाह  वाले  हैं  घाटी  के   लोग

अगर      फिरदोस    बर-रू-ए-ज़मीं  अस्त
इसी   जन्नत   में   रह    रहे घाटी के   लोग

              ☘  जसबीर चावला

Monday, July 29, 2019

कुत्तों की भर्ती चालु है

कुत्तों की भर्ती चालु है
————————

मुझे चाहिये कुत्ते
हर नस्ल के कुत्ते
राग दरबारी गाएँ
भौंके काटें
तलवे चाटें
राजनीति / साहित्य / कला / फिल्मी पूडल
मानवाधिकारों का विरोध करें
अभिव्यक्ति की आजादी पर मूतें
संकेत पर टूट पड़ें

भौंक कर चुप करा दें आज़ाद आवाज
इशारे पर दुम हिलाएँ
गोदी में बैठ जाएँ
कुत्तों में शामिल हैं कुतियाएँ
कुत्तत्व की हद तक वाले कुत्ते
चाहिये वफादर कुत्ते

☘ ज स बी र   चा व ला

Monday, July 15, 2019

संसद में कचरा

क्या खत्म हुई दास प्रथा
     ——————

क्या खत्म हुई दास प्रथा ?
किसके हुक्म से संसद में कचरा फैला
रोबोट सांसद जुटे
मंत्री जुटे
आदेश हुआ
कचरा उठाओ
नाज़ुक कलाईयों नें लंबे झाड़ू थामे
केमरे हिनहिनाये
टीवी खिलखिलाये
आका के हुक्म से सबके फोटू खिंचे / छपे

इतिहास साक्षी है दास प्रथा का
वर्तमान साक्षी है गुलामवंश का

☘ ज स बी र   चा व ला

Sunday, July 7, 2019

हुआ हुआ

हुआ हुआ
—🙈—

देश का बजट अब 'बही खाता' हुआ
हुआ हुआ !
बही खाता थ्री ट्रीलियन डालर का हुआ
हुआ हुआ !
पँचतंत्र के 'करकट' 'दमनक' सियार
हुआ हुआ !
चापलूस टीवी चेनल
रीढविहीन अखबार
चहुँओर प्रतिध्वनि हुई
हुआ हुआ ! हुआ हुआ !

चमचों अब बस करो
बहुत हुआ हुआ

☘ ज स बी र   चा व ला

Sunday, June 30, 2019

इस वीडियो के कुछ दृष्य विचलित कर सकते हैं

इस वीडियो के कुछ दृष्य विचलित कर सकते हैं
——————————————––-–—

अब कोई वीडियो विचलित नहीं करता
न करेगा
सात घंटे तपती धूप में खंबे से बँधा तबरेज अंसारी 
पिटता रहा 
मर गया तबरेज अंसारी 
सबने देखा
कोई विचलित न हुआ
सब भीड़ में तमाशबीन थे
हौंसला अफजाई थे
*
कहाँ तक विचलित हों अब 
मर चुकी चेतना 
कब तक रोयें ?
*
सामूहिक बलात्कार हो या हत्या 
मूक दृष्टा हैं हम 
क्या हम गुनाहगार हैं ?
क्या हम भी भागीदार हैं ?

☘  जसबीर चावला







सर्वव्यापी राम

सर्वव्यापी राम
—————

क्या तुम वहाँ थे राम ?
खंबे से बाँधकर कोई मारा जा रहा था
दलितों की चमड़ी सरेआम उघेड़ी जा रही थी
फ्रिज में गाय ढूँढी जा रही थी
पिटने मरनें वाले आर्तनाद कर रहे थे
त्राहिमाम ! त्राहिमाम !
हमें बचाओ हमें बचाओ
शंका है क्या तुम वहाँ थे राम ?

'बोल जय श्री राम'

☘ जसबीर चावला

खैरख्वाह

खैरख्वाह 
—••—

नया निज़ाम है
खैरख्वाह है
खैर माँगो 
किसी की खैर नहीं 

☘ जसबीर चावला 

Saturday, June 8, 2019

अजीब जंग-नजीब जंग

जो व्यक्ति कभी 'छुट्टी' नहीं लेता वह सारी उम्र 'अकेला छुट्टा' घूमता रहता है
-परम पूज्य स्वामी जसानंद महाराज
😜
मैं ग्यारह फ़िल्मे एक साथ बनाना चाहता हूँ.सलाह दें कि फिल्मों के इन नामों पर "सैंसर की कैंची" तो नहीं चलेगी ? ऐसा न हो कि रिलीज़ न होनें से घर के बर्तन भी बिक जायें.(इन फिल्मों के सब किरदार असली हैं)
😜
"व्यापंम एक सतत जाँच कहानी"
"व्यापंम से  सिंहस्थ तक"
"न्याय की चौखट पर दम तोड़ती व्यापंम कथा"
"व्यापंम प्रदेश में आपका स्वागत है"
"दूर व्यापंम की छाँव में"
"ए कातिबे तक़दीर मुझे इतना बता दे क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है तू क्या व्यापंम मैंने किया है"
"आओ व्यापंम व्यापंम खेलें"
"मन नंगा तो व्यापंम में गंगा.
"बाबुल मोरा व्यापंम छूटो ही जाय"
"भोपाल : व्यापंम प्रदेश की जननी"
"व्यापंम ना ही छूटे राम चाहे कुर्सी जाये"

😫😀

"बाइब्रेंट गुजरात" हो सकता है - "उड़ता पंजाब" क्यों नहीं
-जसानंद
😀
अदीब जंग-नजीब जंग
—-———————
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की चुनी हुई 'आप' सरकार और दिल्ली के लाट साहब मेरा मतलब लेफ़्टिनेंट गवर्नर के बीच एक 'नज़ीब जंग माफ करें अजीब जंग' चल रही है.मुझे इसका एक हल सूझा है.

🐸 १: आज ही मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल अपनें ६७ विधायकों के साथ एक शानदार पालकी लेकर (पालकी जयपुर,उदयपुर,या मैसूर राजभवन से उधार माँगी जा सकती है) राजभवन जाएँ और ससम्मान गवर्नर साहब को उसमें बिठाएँ.

🐸 २ :पालकी को आगे अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कँधा दें और पीछे संजय सिंह  के साथ दल के वरिष्ठ सदस्य बारी बारी से कँधा दें.(अतिरिक्त में मैं भी इस लिये उपलब्ध हूँ कि यह सुझाव मेरा है) पीछे पीछे ६७ विधायक गाते चलें "आलकी पालकी जै दिल्ली के लाट की" और "मेरा यार बना है दूल्हा और फूल खिले हैं दिल के"
🐸 ३ : बाजे गाजे के साथ शाही सवारी राष्ट्रपति भवन,प्रधानमंत्री निवास, पार्लियामेंट हाउस,उच्चतम न्यायालय का चक्कर लगाकर दिल्ली की सडकों पर घूम कर दिल्ली विधान सभा में पहुँचे.

🐸 ४ : विधान सभा स्पीकर लेफ्टिनेंट गवर्नर की अगवानी झुक कर करें...उन्हे पालकी से सम्मान के साथ उतारें.

🐸 ५ : मुख्यमंत्री,उप मुख्यमंत्री,स्पीकर तीनों ..एलर्जी को ...माफ करें.. एल.जी.को राजसी सिंहासन पर विधानसभा में बैठाएँ .

🐸 ६ : मुख्यमंत्री घोषणा करें कि अब एल.जी ही दिल्ली के मुख्यमंत्री,राज्यपाल सब कुछ हो गये हैं.और वे अपना राजकाज बीजेपी के तीन सदस्यों की मदद से चलायेंगे.पार्श्व में धुन बजती रहे -"ए मालिक तेरे बंदे हम ऐसे हों हमारे क़रम  नेकी पे चलें और बदी से टलें ताकि हँसते हुए निकले ये दम"

🐸 ७ : मुख्यमंत्री केजरीवाल सहित 'आप' पार्टी के सारे ६७ सदस्य विपक्ष में बैठें.केजरीवाल नेता विपक्ष होंगे पर उन्हे इसकी संवैधानिक मान्यता नहीं होगी न ही कोई अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी.वे अपना ख़र्च चंदे से जुटाए.

🐸 ८ : जब तक यह सरकार चलेगी संविधान ताक पर रहेगा और "दिल्ली की जनता का मेंडेट" जैसे शब्दों का प्रयोग असंसदीय माना जायेगा.

मुझे विश्वास है कि इन क़दमों को उठानें से "दिल्ली की नज़ीब जंग...माफ करें...ज़बान बार बार फिसल जाती है..अजीब जंग समाप्त होगी.

आप क्या कहते हैं मितरों ..सुझाव दें ताकि दिल्ली की जनता की आकांक्षाएँ पूरी हे सकें. 
                                                                                                                              

Friday, June 7, 2019

गोबरज्ञान एवं अन्य २

मवाली-"मैं मोदीजी को ही वोट दूँगा" 
टपोरी-"क्यों" ?
मवाली-"मोदीजी हमारी ही भाषा बोलते हैं "
टपोरी-"दिल खुश हुआ.मैं भी उन्हें ही वोट दूँगा.


" समय से 'राफेल' खरीद लिये  जाते तो 'महाभारत' में कौरवों के विरुद्ध 'पाँडव ब्रिगेड' के जनरल अर्जुन युद्ध का फैसला पहले ही दिन कर देते "
- अटार्नी जनरल ऑफ मोदीस्तान,सुप्रीम कोर्ट में

" बचपन के जेबकतरे बच्चे राजनीति में जाकर वित्तमंत्री बनते हैं और शादी-समारोहों में नोटों के लिफाफे चुराने वाले प्रधानमंत्री"

स्वामी जसानंद-// नव-चौर्य पुराण//- विक्रमी संवत २०७१

क्यों ?
———

भौंकिये,चाहे जितना
रुकिये 
सोचिये
क्यों भौंके जा रहे हैं इतना ?

☘️ ज स बी र   चा व ला 


जापान में तनाव से मुक्ति दिलानें के लिये 'सप्ताह में एक दिन रोने' को अच्छा माना गया है.
🔴रुलानें के लिये 'टीयर्स टीचर' मदद करते हैं🔴
😢/😜/😁
जापानियों,'वो' हमें रोज रुलाता है 'प्रिंसिपाल' की जरुरत हो तो बताएँ.

शांति के प्रतीक कबूतर को किसी समारोह में हवा में छोड़ने के पहले क़ैद करना पड़ता है.-स्वामी जसानंद

गाँधी 
—••— 

यहाँ गाँधी से दूरी है 
विदेश में  मजबूरी है
😀
आल इन वन
—————
😆 वे अकेले ही हैं अपनी एक्शन / ड्रामा / हॉरर / इमोशनल 
फ़िल्म के प्रोड्यूसर / डायरेक्टर
😞 स्टोरी / स्क्रिप्ट / डायलाग रायटर
😜 स्टंटमेन / फायटर 
😁 विलेन / हीरो


😝विदूषक 
😎 और हीरोईन 😍
           ❓
  "😌/😢/😨/😪"
है भी / नहीं भी
बोलती है / बोलती नहीं
          ❓

सारे देवी-देवता नाक-कान से या अजीब ढंग से कभी तुरंत कभी बरसों के बाद पैदा हुए.
अधीर न हों.
'विकास' भी मुँह से ही पैदा होगा भले ही और देर लग जाये.
😀
'हलाल' 
वाले भी सोचते हैं कि रोज पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ानें से अच्छा है
'झटका' 
एक ही बार में भाव बढ़ा दें.
😀


चूँ चूँ का मुरब्बा के लिये एक इंटरव्यू



टीवी चेनल CCKM (चूँ चूँ का मुरब्बा) के लिये लिया गया एक इंटरव्यू.इंटरव्यू किसका है आप समझें,पर पोलिटिकल नहीं है .😜 
🔴 सर आप इस उम्र में भी ऊर्जावान हैं,आपको इतनी ऊर्जा कहाँ से मिलती है
🔵 दिल्ली में बदरपुर थर्मल पावर प्लांट से.
🔴 सर आपको खट्टी डकारें आ रही हैं,क्या गैस की प्राबल्म है ?
🔵 नही.उज्जवला योजना से गैस बराबर मिल रही है.
🔴 आप क़ुल्फ़ी खाते है ?
🔵 हाँ.🔴 चूसते हैं या दाँतो से कुतरते हैं ?
🔵 चूसते हैं.
🔴 क़ुल्फ़ी टपकती होगी ?
🔵 हाँ,पर मेरा सिद्धांत है एक बूँद भी व्यर्थ न जाये.हथेली लगा लेता हूँ.हथेली चाट लेता हूँ.अमिताभ बच्चन कहते हैं               दो बूँदें ज़िंदगी की.
🔴 क़ुल्फ़ी की डंडी का क्या करते हैं ?
🔵 मैं प्रकृति के संसाधनों की बर्बादी के विरुद्ध हूँ.चाक़ू से छीलकर पतली सींक बना लेता हूँ.रुई लपेट लेता हूँ.इअरबड बन जाती है,कान साफ करनें के काम आती है.कुछ सींक की टुथपिक बना लेता हूँ.दाँत साफ करनें के काम आती है.आम के आम गुठली के दाम.
🔴 सर आप कपड़े बदलते हैं ? 
🔵 मैं कपड़े ही बदलता हूँ.
🔴 आप पानी पीते हैं तो पीकर दिखाएँ ना सर अच्छा लगेगा ?
     (वे पानी पीते हैं)
🔴 वाह गले से नीचे उतरता पानी शानदार लगता है जैसे नियाग्रा फाल आहिस्ता आहिस्ता नीचे उतर रहा हो.
🔵 क्या कहा वियाग्रा फाल ?
🔴 वियाग्रा नहीं सर,नियाग्रा फाल.
   (वे आहिस्ता आहिस्ता सुनकर गुनगुनाते हैं) उतरती जाये है रुख़ से नकाब आहिस्ता आहिस्ता,आहिस्ता आहिस्ता
🔴 आप अच्छा गा रहे हैं पर विरोधी इसका दूसरा ही मतलब निकालेंगे ?
🔵 क्या मतलब ?
🔴 मतलब कि खिसकती जाये है सरकार आहिस्ता आहिस्ता.
 🔵 ठीक है,इस गाने को कट कर देना.
🔴 सर आप सोते कब हैं ?
🔵 मैं अभी भी सो रहा हूँ.
🔴 आप की आँखे खुली हैं सर ?
🔵 मैं खुली आँख सोता हूँ,पता नहीं कब कोई ऊपर की चादर उतार दे.
🔴 आप सपनें देखते हैं ?
🔵 केवल सपनें ही देखता हूँ
🔴 सपनों में क्या दिखता है.
🔵 पर्यावरण बचानें जंगलों को साफ कर रहा हूँ.विकास के रास्ते जो आ रहा है उस पर बुलडोज़र,जेसीबी चला रहा हूँ.लोग चीख चिल्ला रहे हैं कि हमें नहीं चाहिये ऐसा विकास.पर मैं रुकता नहीं.बेचारे उद्योग पतियों का क्या कसूर है.उनका ख्याल कौन रखेगा.

🎯 हम यहाँ एक छोटा ब्रेक लेते हैं.किसी दूसरे चेनल पर धोखा खाने मत चले जाईयेगा.हम जल्दी ही लौटते हैं 🎯

गोबरज्ञान एवं अन्य १

गोबरज्ञान एवं अन्य 
          —•—

उनके 'गोबर विज्ञान' से सहमत हूँ,पर सीताजी 'टेस्ट ट्युब बेबी' नहीं थी.
उन्हें 'कुँभ कन्या' या 'मटका बेबी' कहा जाना चाहिये.
 😜 
'कुछ लोग' आदमी को मार कर 'मुर्दा' बनाते हैं.
फिर मुर्दे को राजनैतिक 'मुद्दा' बनाते हैं.
😢
मुगलसराय स्टेशन दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन हुआ 
मुग़लई चिकन का नाम क्या होगा ?
 😜 
मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय हुआ-खबर
इस तरह आखिर हिंदुत्व नें मुग़लों से बदला लेकर स्टेशन पर बहादुरी से क़ब्ज़ा किया.
😀
पुस्तकें
—•—
'सत्य के साथ मेरे प्रयोग' - महात्मा गाँधी
 'झूट के साथ मेरे प्रयोग' - महामना .....?
(दूसरी पुस्तक कई खंडों मे प्रकाशनाधीन है)
 😜 
व्यर्थ में किसी विधायक / सांसद मे अंतरात्मा 
की खोज न करें.
अंतरात्मा बहुत पहले ही मर चुकी होती है
-स्वामी जसानंद
अंतरात्मा के मरनें के बाद ही 
विधायक / सांसद का जन्म होता है 

-स्वामी जसानंद
 😜 
विधायक और अंतरात्मा में साँप और नेवले जैसा संबध होता है

-स्वामी जसानंद
 😜 
केदार गुफा
—————

आदि मानव पहुँचा
केदार गुफा
नया जुमला 
फिर एक शिगूफ़ा 
😀

अब जसबीर चावला की पाठशाला में हिंदी की नई वर्णमाला पढ़ाई जा रही है
———————————————————————————

अ-अंबानी,अडानी,अनुच्छेद ३७०,अंधेरे में तीर
आ-आर्थिक मंदी,आँसू 
इ -इज़्ज़त मिट्टी में मिलना 
ई-ईमान बेचना 
उ-उन्नाव,उल्लू बनाना,उंगली करना
 ऊ-ऊँची दुकान फीके पकवान
ऋ-ऋण डुबोना 
ए-एक न सुनना
ऐ-ऐश करना
ओ-ओस की बूँदों से हाथ धोना
औ-औने पौने करना 
अं-अंग ढीले पड़ना
क-कँगला,कारपोरेट,कश्मीर
ख-खँडहर,खटिया
ग-गड्डे ही गड्डे,गच्चा देना,गठरी बाँधना,गिरीराज सिंह
घ-घर उजाड़ना,घंटा बाबाजी का
च-चंडूखाना 
छ-छापे
ज-जुमला,जीएसटी 
झ-झूठे,झूठी शान,झगड़ालू
ट-टपोरी,टरकाना 
ठ-ठग,ठाट बाट
ड-डंडा,डमरु
ढ-ढपोरशंख,ढोल की पोल
ण-
त-तक्षक नाग,तड़ीपार
थ-थाना
द-दमन,दंश
ध-धृतराष्ट्र,धोखा,धूर्त
न-नोटबंदी,नीरव मोदी,नगाड़ा,नाम बड़े दर्शन खोटे
प-पतित,पतंजलि,पक्षपात,पूँजीवाद
फ-फासिज्म,फेंकू
ब-बगुला,बबुआ,बेकारी,बंदरबाँट,बाबरी
भ-भंडा फूटना,भट्टा बैठना,भय
म-मंदी,मत्स्य न्याय,मुलायम सिंह,मायावती
य-यम
र-रथयात्रा,रतिक्रीड़ा
ल-लुटिया डूबना,लंगूर,लालू
व-विजय माल्या,वानर
श-शनिचर
ष-षड्यंत्र करना
स-साधू और शैतान,सनम बेवफा,संकटाचार्य,संक्रमण
ह-हवन,हलाहल,हंटर
क्ष-क्षुद्र
त्र-त्रिशंकु,त्राहि त्राहि 
ज्ञ-ज्ञानचंद
       😜
@ जसबीर  चावला

प्रधानमत्री जी फेंको मगर दायरे में
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कल प्रधानमंत्रीजी के 'वर्ल्ड बायोफ्यूल डे' पर सुनाई तीन महान कहानियों में से कहानी नंबर दो की 'पोस्टमार्टम' रिपोर्ट.प्रधानमंत्रीजी के अनुसार वे जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो कारों के क़ाफ़िले में उन्होनें सड़क पर स्क्रूटर से जाते एक किसान को देखा.उसके पास ट्रेक्टर के टायर की भरी हुई ट्यूब(प्रधानमंत्री नें हाथ के इशारे और मुखमुद्रा से ट्रेक्टर के बड़े पहिये की ट्यूब बतलाई) थी.इतनी बड़ी की दूसरे वाहनों से टकरानें का खतरा था.
मोदीजी के अनुसार अगर वह ट्यूब में हवा ले जा रहा था तो उसे खाली कर दूसरे स्थान पर पहुँच कर भी भर सकता था(😀)इससे टकरानें का खतरा नहीं होता.अब उन्हें कौन बताये कि कोई भी ट्यूब में हवा का परिवहन नहीं करता.ट्यूब को टायर में फ़िट कर ही हवा भरी जाती है.
प्रधानमंत्री जो तब मुख्यमंत्री थे-उसे रोक कर पूछा कि यह क्या है.उसने बतलाया कि इस ट्यूब में उसके घर के कचरे ओर दो जानवरों के गोबर से बनी गैस है जिसे भर कर खेत में ले जाकर वह अपनें वाटर पंप को चलाता है.

सवाल नंबर 1 - प्रचारप्रिय मोदीजी की यह खबर क्या किसी टीवी/अखबार में छपी,जब पूरी सुरक्षा में चलने वाले मुख्यमंत्री का क़ाफ़िला रुका और मुख्यमंत्री नें स्कूटर रुकवाया और किसान से बात की ? सुरक्षा कारणों के चलते से क्या कोई व्यक्ति ऐसी भरी ट्यूब ले जा सकता है ? सड़कों का सारा ट्रेफिक घंटों रोक दिया जाता है.काफिलों के लिये रोकी गई एंबुलेंस में लोगों नें कई बार प्राण त्यागे हैं.

सवाल नं 2- क्या दो जानवरों और घर के कचरे से इतनी बायोगैस बन सकती है कि ट्यूब में भरी सके ? सामान्यत:८-१० व्यक्तियों के परिवार के कचरे से बने प्लांट से ३०-४० मिनट तक प्रतिदिन चलने वाली अधिकतम गैस बनती है.
सवाल नंबर 3- क्या घर के कचरे से बनी गैस किसी बड़े कंटेनर में स्टोर किये बिना,किसी कम्प्रेशर पंप/यंत्र की मदद के बिना ट्यूब में भरी जा सकती है ? क्या घर में ऐसा स्टोरेज संभव है ? उसकी लागत क्या होगी ?अगर ऐसा परिवहन सच में हो ही रहा था तो ज्वलनशील गैस का परिवहन ऐसे ट्यूब में होने देना क्या उचित था ?

सवाल नंबर 4- क्या ट्यूब में भरी बायोगैस किसी टंकी / टेंक में स्टोरेज किये बिना डायरेक्ट पानी के पंप से जोड़कर पंप चलाया जा सकता है ? अगर नहीं तो स्टोरेज टैंक/एक्सेसरीज़ मिलाकर लागत कितनी बढ जायेगी.
वैसे ऐसे पंपों का इस्तेमाल केवल प्रायोगिक स्तर पर ही है.
कहानी नंबर एक
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प्रधानमंत्रीजी नें समाचार पत्र में पढ़ा था(समाचार पत्र का नाम?)उनके अनुसार गंदे नाले के किनारे चाय का ठेला लगाने वाले नें पास के नाले की गैस पर (हाथ के इशारे से मोदीजी ने बर्तन दिखाया.छोटा ही था) बर्तन रख कर उसमें छेद कर पाईप लगा दिया और ठेले पर मिथेन गैस जला कर चाय बनाने लगा.
एक खुले,बहते हुए नाले पर एक छोटे बर्तन से पाईप द्वारा दबाव से निकली गैस से ऐसे चूल्हा नहीं जलेगा.यह संभव नहीं है.

प्रश्न यह नहीं है कि क्या कचरे / नाली से निकली मिथेन / ज्वलनशील गैसों के उपयोग से चाय बन सकती है ? सीवेज / लेंडफिल से निकली गैसों का भंडारन कर उपयोग हो सकता है.सब कुछ बन सकता है.उसकी लागत,वायबलिटी/ क्या होगी अलग बात है.
प्रश्न है कि क्या एक चाय के बर्तन की तली में छेद कर उसमें पाईप लगाकर बहते नाले के पानी पर औंधा रख कर निकली गैस द्वारा चाय बनाई जा सकती जैसा प्रधानमंत्री ने दावा किया ? उत्तर है नही.

     

फिजूल की चीज़ें

फिजूल की चीज़ें 
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कई चीज़ें गैर जरूरी हैं 
शरीर में अपेंडिक्स 
संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्षता
शपथ में शुद्ध अंत:करण से कर्तव्य निर्वहन
वैज्ञानिक दृष्टिकोण

फिजूल की चीज़ों से छुटकारा पायें
शरीर/देश को तंदुरस्त बनाएँ 

☘ ज स बी र   चा व ला



Friday, May 3, 2019

केंद्रीय चुनाव आयोग

केंद्रीय चुनाव आयोग
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रीढ़ विहीन 'केंचुआ'
गोदी में पल रहा
क्यों पैरों पर खड़ा हो ?
सत्ता का क़ालीन बिछा है
मज़े से रेंग रहा

☘ जसबीर चावला

Wednesday, May 1, 2019

प्रधानमंत्री का लालक़िले से लाईव भाषण


🔴 प्रधानमंत्री का लालक़िले से लाईव भाषण 🔵

मेरे प्यारे देशवासियों मैं लाल क़िले से बोल रहा हूँ.जानते हैं लाल किला को लाल किला क्यों कहते हैं ? क्योंकि 
इसका रंग लाल है.(तालियाँ)पीला रंग होता तो पीला क़िला कहलाता,लेकिन 'हरा' होता तो हम उसे 'भगवा किला' कहते.(तालियाँ)

हमनें अभी लाल किला सेठ डालमिया को दिया है.अब आप चाहें तो इसे 'डालकिला' कह सकते है,चाहें तो 'लालमिया' कह सकते हैं.''शेख़'स्पियर'' ने कहा है कि नाम में क्या रखा है.गुलाब को चाहे गेंडा....मेरा मतलब गेंदा के नाम से पुकारें,गुलाब गुलाब ही रहेगा (तालियाँ).मित्रों...आप जानते हैं कि गुलाब के फूल से गुलकंद बनती हे जिसे सब पान में डालते हैं.

पान से याद आया कि बेरोजगार नौजवानों को पान की गुमटी लगाना चाहिये.पान के साथ बीड़ी-सिगरेट का बढिया कांबीनेशन है.हमारी सरकार ने पान वालों को निरोध भी बेचनें को दिये हैं.पान भी बेचें और कंडोम भी.मुनाफा का मुनाफा, बोनस में परिवार नियोजन.इस सरकार ने मज़दूरों का बोनस बढा दिया है.पिछली सरकारों का रिकार्ड खराब रहा है.तो मैं कह रहा हूँ कि पान का धँधा बढिया धँधा है.पान बेचो और गाने गाऔ-'खईके पान बनारस वाला',-'नीचे पान की दुकान ऊपर गौरी का मकान'.सरकारी नौकरी के पीछे मतभागो.पान की गुमटी खोलो.(तालियाँ)
जयहिंद.

फिर लाल क़िले पर आते हैं.यह बहुत बड़ा क़िला है.किला जोधपुर का भी बड़ा हैं.वही जोधपुर जहाँ सलमान खान हिरण मारकर जेल में बंद रहा है.सलमान खान इत्ता बड़ा एक्टर है.उसको बच्चन परिवार की ऐश्वर्या राय को पीटना नहीं चाहिये था.पीटना चाहिये था कि नहीं पीटना चाहिये था ? (तालियाँ)

तो प्यारे देशवासियों जोधपुर की जेल में परम पूज्य संत आसारामजी बंद है,किसी कन्या के साथ अठखेलियाँ करनें के आरोप में.क्या इस देश के ऋषि,मुनि,देवता सदा से ही महिलाओं से अठखेलियाँ करते आये हैं कि नहीं करते आये हैं ? बोलो करते आये हैं कि नहीं करते आये हैं ? (तालियाँ) गुरमीत राम रहीम भी कलोल करता था.करता था कि नहीं करता था ? (तालियाँ) संत अठखेलियाँ नहीं करेंगें तो कौन करेगा ? नारियों का उत्थान कौन करेगा ? सनातनकाल से ऐसे सुकृत्य होते आये हैं कि नहीं होते आये हैं ? (तालियाँ)

अठखेलियाँ से मुझे अस्ट्रेलिया याद आया.अस्ट्रेलिया मे कंगारू,क्रिकेट और कोयला पाया जाते हैं.कोयले से बिजली बनती है.उसी बिजली को अस्ट्रेलिया की क़ैद से छुड़ा कर लानें के लिये अपनी जान जोखिम पर डाल कर एक गुजराती भाई अडानी ने लोगों की भलाई के लिये संसार की सबसे बड़ी कोयला खदान ली है.वह वहाँ के निर्लज्ज,पिछड़े,जंगली आदिवासियों से जूझ रहा है,जो उसके कोयला निकालनें का विरोध कर रहे हैं.अस्ट्रेलिया से बिजली पकड़ कर लाना चाहिये कि नहीं लाना चाहिये ? (तालियाँ)

मियाँ बहादुरशाह ज़फ़र इसी लाल क़िले में बैठकर मोहम्मद रफ़ी की आवाज में करुण स्वरों में गाता रहता था-'लगता नहीं है दिल मेरा उजड़े दयार में'.कभी गाता-'न किसी की आँख का नूर हूँ'.उसकी सुनता कोई नहीं था.विदेश म्यांमार चला गया और वहीं माँडले जेल में मर गया.अब यंगून में उसकी क़ब्र है.अब गाने गा-'बेकसी का मज़ार हूँ'-'दो गज ज़मीं भी न मिली कू-ए-यार में'

'लालकिला मशहूर है.'लालकिला बासमती चावल' भी मशहूर है.बासमती चावल सँसार को हमारी देन है.पाकिस्तान यहाँ भी टाँग अड़ानें से बाज नहीं आया.बासमती चावल से बिरयानी बनती है.आर्थर जेल मुंबई मे बंद कसाब के नाम पर बिरयानी को निकम वकील साहब ने चिपका दिया.वकील जेटली भी अच्छे हैं और आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल से नोट ही गिनवाते रहते थे.तो बात चावल की हो रही है.चावल से कल्पना चावला याद आई.इस देश की बेटी थी.उसे अमेरिका पढ़ने भेजा वह वहाँ से बहुत ऊपर आसमान में गई और ऊपर से ही ऊपर चली गई.उसे इतना ऊँचा नहीं जाना चाहिये था.जाना चाहिये था कि नहीं जाना चाहिये था ? (तालियाँ) जूही चावला भी अच्छी हिरोईन है.आजकल कुरकुरे बेच रही है.एक 'चावला जसबीर' भी है.उस पर फिर कभी कहूँगा.

मैं जल्दी फिर से लाल क़िले पर आता हूँ. 😀

Monday, March 25, 2019

जहा मन भय से मुक्त हो -रवीन्द्रनाथ ठाकुर





Where The Mind Is Without Fear
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Where the mind is without fear and the head is held high;
Where knowledge is free
Where the world has not been broken up into fragments
By narrow domestic walls
Where words come out from the depth of truth;
Where tireless striving stretches its arms towards perfection;
Where the clear stream of reason has not lost its way
Into the dreary desert sand of dead habit;
Where the mind is led forward by thee
Into ever-widening thought and action Into that heaven of freedom, My Father, let my country awake
जहा मन भय से मुक्त हो 
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जहाँ मन में भय न हो और सिर ऊँचा हो
जहां मुक्त ज्ञान हो
जहाँ संसार के देश संकीर्ण स्थानीय स्वार्थों की दीवारों के कारण टुकड़ों में न बँटे हों
जहाँ शब्द सत्य की गहराई से आते हों
जहाँ संपूर्णता की प्राप्ति के लिये फैली बाँहें अथक प्रयास करती हों
जहाँ मरती परंपराओं (रूढियों) के रेगिस्तान में स्पष्ट तर्क(विवेक,बुद्धी) की धारा अपना रास्ता भटकती न हो
जहाँ तेरे नेतृत्व मे मन सदैव ऊँचे विचार और उनके क्रियान्वयन में आगे बढ़े 
हे प्रभु मेर देश का उदय स्वतंत्रतता के ऐसे स्वर्ग में हो 

[ 1910 में बाँगला और 1012 अंग्रेजी में रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वार रचित 'गीताजंलि' का यह गीत देश के स्वतंत्र होनें पर प्रभु से कामना करता है कि 'मेरे देश का उदय ऐसे स्वतंत्रतता के स्वर्ग में हो जहाँ लोग स्वतंत्रचेता हों,भय मुक्त हों.समाज वैज्ञानिक द्द्ष्टिकोण रखने वाला कर्मठ हों,और देश क्षुद्र  स्थानीय स्वार्थों से परे,ज्ञान का निरंतर प्रसार करने वाला बने.
आज के रूढीवादी पोंगापंथी समाज को अगर रवीन्द्रनाथ ठाकुर आज देख पाते तो क्या लिखते.? ]

* अंग्रेजी से अनुवाद 🌿 जसबीर चावला

आप धीरे धीरे मर रहे हैं-मार्था मेडिरोस (ब्राजील की कवियत्री)

आप धीरे धीरे मर रहे हैं
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मार्था मेडिरोस -ब्राजील की कवियत्री

आप धीरे धीरे मर रहे हैं

अगर आप देशाटन नहीं करते 
अगर आप पढते नहीं 
अगर आप अपनी अंतरात्मा की आवाज़ें नहीं सुनते
अगर आप अपने उचित काम की सराहना नहीं करते 

आप धीरे धीरे मर रहे हैं

जब आप आत्म सम्मान को महसूस न कर उसे कुचल देते है
जब आप दूसरों को आपकी मदद नहीं करनें देते ( दूसरों को आपकी त्रुटियाँ ठीक नहीं करनें देते आप धीरे धीरे मर रहे हैं

अगर आप अपनी आदतों के गुलाम बन जाते हैं 
आप बनी बनाई लकीर पर रोज चलते हैं
अगर आप अपना प्रतिदिन का एक सा ढर्रा नहीं बदलते 
आप विविध रंगों के कपडे नहीं पहनते (जीवन में उल्लास के लिये विविधता नहीं लाते) 
आप अपरिचित लोगों से बात नहीं करते (ईगो पाले रखते हैं)

आप धीरे धीरे मर रहे हैं


अगर आप जुनून महसूस नहीं करते
या आपकी आँखों में चमक नहीं आती (जुनून की कल्पना मात्र से)
या आपके दिल की धड़कनें तेज नही होती (काम के प्रति उत्कंठा से)

आप धीरे धीरे मर रहे हैं.

अगर आप भविष्य की अनिश्चिताओं के प्रति कभी भी जोखिम नही लेते
अगर आप सपनों के पीछे नहीं जाते (नये सपनें नहीं देखते)
आप जीवन में एक बार भी पलायन की नहीं सोचते (बने ढाँचे से विद्रोह कर उसे त्यागनें का विचार नहीं आता)  

आप धीरे धीरे मर रहे हैं.

अपनें जीवन से प्यार करो - अपनें आप से प्यार करो
अंग्रेजी से अनुवाद : जसबीर चावला

"You start dying slowly"
This beautiful poem Titled 'Muere Lentamente' is wrongly attributed to 'Pablo Neruda' on the Web. It is the work of  Brazilian writer 'Martha Medeiros',author of numerous books and reporter for the 'Porto Alegre newspaper Zero Hora'. -JASBIR CHAWLA

Friday, March 22, 2019

होशियार बा अदब

होशियार 
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बा अदब 
बा मुलाहिजा 
होशियार
लूटने आ रहे 
चौकीदार का भेष धरे
ठग लुटेरे बटमार
जागते रहो 
होशियार


Saturday, March 16, 2019

कौन है राष्ट्रभक्त




🔴कौन है राष्ट्रभक्त 🔴
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साहब सीमा से जनाज़े आ गये हैं.
-कौन किस प्रांत का मरा है लिख देना.चुनावी सभाओं में उन्हें उसी प्रांत का सपूत बताना है.
दलित,ओबीसी भी बता देना,जाति समीकरण का भी ख्याल रखना है.
🔵
अपनी राष्ट्रभक्ति का प्रमाण दो ?
-उसनें नीरव मोदी,विजयमाल्या के साथ लिये हुए अपनें फोटो पेश कर दिये.
🔵
कैसे मानें की तुम सचमुच देशभक्त हो ?
-जी मैंने बिना तलाक दिये बीबी को छोड़ दिया.
🔵
राष्ट्र प्रेम का प्रमाण पत्र दिखाओ ?
 -उसनें 'जनेऊ' दिखा दी.
तुम पास.हाँ..अब तुम बताओ ?
-उसनें 'जेएनयू' की डिग्री बता दी.
तुम फेल.तुम देशद्रोही हो.
🔵
कोई प्रमाण है कि तुम राष्ट्रभक्त हो ?
-उसनें पंतजलि के गोमूत्र का बिल दिखा दिया.
🔵
कैसे मानें कि तुम राष्ट्रभक्त हो ?
-उसनें अडानी-अंबानी की कंपनियों से ख़रीदे शेयरों की लिस्ट थमा दी.ठप्पा लगा,राष्ट्रनिर्माण में लगा देशभक्त.
🔵
क्या प्रमाण कि तुम राष्ट्रभक्त हो ?
-जी मैं भी आपके समान पूज्यनीय बापू आसाराम का भक्त हूँ.
🔵
संतरे कहाँ के मशहूर है ?
-नागपुर के.
ये लो देशभक्ति का प्रमाण पत्र

😀 जसबीर चावला

Wednesday, March 6, 2019

अपनी अपनी खुशी

अपनी अपनी खुशी
——•—•——


हड्डियों के व्यापारी खुश 
जब जब सूखा पड़े 
मवेशी ज्यादा मरते हैं 
हड्डियों के ढेर सस्ते मिलते हैं

सत्ताकामी खुश
सीमा पर चले गोली 
झंडे में लिपटे ताबूत
बूथ करते हैं मज़बूत 

Sunday, January 27, 2019

बेर्टोल्ट ब्रेष्ट


बेर्टोल्ट ब्रेष्ट
————

जनरल तुम्हारा टैंक एक शक्तिशाली वाहन है
वनों को तहस नहस करता है
सैकडों लोगों को खत्म करता है 
पर इसमें एक दोष है
इसे चालक चाहिये
               ——
जनरल तुम्हारा बमवर्षक शक्तिशाली हैं
यह तूफ़ान से तेज उड़ता हैं
और हाथी से अधिक वज़न ढोता है
पर इनमें एक दोष है
इसे एक मिस्त्री चाहिये
               ——
जनरल मानव बहुत उपयोगी है
वह उड़ सकता है मार सकता है
पर उसमें एक दोष है
वह सोच सकता है
                 ~~
*बेर्टोल्ट ब्रेष्ट (महान जर्मन कवि और नाटककार)
*अंग्रेजी से अनुवाद : जसबीर चावला