चंद सवाल
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तुमसे सवाल यह नहीं कि तुमनें सवाल क्यों नहीं पूछा
सवाल है क्या तुम्हें सवाल पूछनें का ख्याल तक आया
तुम सपनें नहीं देखते यह मुद्दा नहीं
मुद्दा है कि तुम्हें नींद कैसे आती है
तुमनें पत्थर क्यों नहीं फेंका यह सवाल नहीं है
खुद से पूछो क्या तुम्हे पत्थर का ख्याल आया
उन्मत्त हाथी जब उजाड़ रहे थे फ़सलों को
सवाल है क्या तुम शामिल हुए हाँके में
तुम्हारे मरनें पर मेरा कोई सवाल नहीं
जानता हूँ तुम अब तक जिंदा कहाँ थे
☘ ज स बी र चा व ला
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तुमसे सवाल यह नहीं कि तुमनें सवाल क्यों नहीं पूछा
सवाल है क्या तुम्हें सवाल पूछनें का ख्याल तक आया
तुम सपनें नहीं देखते यह मुद्दा नहीं
मुद्दा है कि तुम्हें नींद कैसे आती है
तुमनें पत्थर क्यों नहीं फेंका यह सवाल नहीं है
खुद से पूछो क्या तुम्हे पत्थर का ख्याल आया
उन्मत्त हाथी जब उजाड़ रहे थे फ़सलों को
सवाल है क्या तुम शामिल हुए हाँके में
तुम्हारे मरनें पर मेरा कोई सवाल नहीं
जानता हूँ तुम अब तक जिंदा कहाँ थे
☘ ज स बी र चा व ला
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