Thursday, December 26, 2019

बेचारे नौ डंडे

बेचारे नौ डंडे
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डंडे चले,ख़ूब चले
कई बाज़ू तोड़े 
टाँगें तोड़ी,सर फोड़े
नहीं बख्शे गये
माँ बहन,बच्चे बूढ़े  
टूटे दरवाज़े खिड़की
टीवी,वाशिंग मशीन,काँच तोड़े
कार,स्कूटर नहीं छोड़े 

बरसे,जमकर खूब बरसे 
थक कर चूर हुए डंडे 
आख़िर खुद ही टूट गये
शहीद हो गये बेचारे डंडे

☘️ जसबीर चावला 

( उत्तर प्रदेश सरकार नौ टूटे डंडों की क़ीमत आंदोलनकारियों से वसूलेगी )

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