लायब्रेरी में लाठी
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लाठी की आँख नहीं होती
पुस्तकें नहीं पढ़ती
सोचती नहीं लाठी
लाठी का रिश्ता जिस्म से है
सत्ता का हाथ लाठी
तन/मन पर जख्म छोड़ती
जामिया की लायब्रेरी में घुसी
संविधान की धज्जियाँ उड़ी
परंपरा निभाई
निहत्थों की जमकर धुनाई
अपना धर्म निभाती लाठी
☘️ जसबीर चावला
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लाठी की आँख नहीं होती
पुस्तकें नहीं पढ़ती
सोचती नहीं लाठी
लाठी का रिश्ता जिस्म से है
सत्ता का हाथ लाठी
तन/मन पर जख्म छोड़ती
जामिया की लायब्रेरी में घुसी
संविधान की धज्जियाँ उड़ी
परंपरा निभाई
निहत्थों की जमकर धुनाई
अपना धर्म निभाती लाठी
☘️ जसबीर चावला
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