काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Thursday, December 26, 2019
कांटे
काँटे
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अपने पाँव से निकालूँ मैं कितने काँटे
राह में कोई काँटे बिछाता चला गया
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