Monday, March 25, 2019

आप धीरे धीरे मर रहे हैं-मार्था मेडिरोस (ब्राजील की कवियत्री)

आप धीरे धीरे मर रहे हैं
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मार्था मेडिरोस -ब्राजील की कवियत्री

आप धीरे धीरे मर रहे हैं

अगर आप देशाटन नहीं करते 
अगर आप पढते नहीं 
अगर आप अपनी अंतरात्मा की आवाज़ें नहीं सुनते
अगर आप अपने उचित काम की सराहना नहीं करते 

आप धीरे धीरे मर रहे हैं

जब आप आत्म सम्मान को महसूस न कर उसे कुचल देते है
जब आप दूसरों को आपकी मदद नहीं करनें देते ( दूसरों को आपकी त्रुटियाँ ठीक नहीं करनें देते आप धीरे धीरे मर रहे हैं

अगर आप अपनी आदतों के गुलाम बन जाते हैं 
आप बनी बनाई लकीर पर रोज चलते हैं
अगर आप अपना प्रतिदिन का एक सा ढर्रा नहीं बदलते 
आप विविध रंगों के कपडे नहीं पहनते (जीवन में उल्लास के लिये विविधता नहीं लाते) 
आप अपरिचित लोगों से बात नहीं करते (ईगो पाले रखते हैं)

आप धीरे धीरे मर रहे हैं


अगर आप जुनून महसूस नहीं करते
या आपकी आँखों में चमक नहीं आती (जुनून की कल्पना मात्र से)
या आपके दिल की धड़कनें तेज नही होती (काम के प्रति उत्कंठा से)

आप धीरे धीरे मर रहे हैं.

अगर आप भविष्य की अनिश्चिताओं के प्रति कभी भी जोखिम नही लेते
अगर आप सपनों के पीछे नहीं जाते (नये सपनें नहीं देखते)
आप जीवन में एक बार भी पलायन की नहीं सोचते (बने ढाँचे से विद्रोह कर उसे त्यागनें का विचार नहीं आता)  

आप धीरे धीरे मर रहे हैं.

अपनें जीवन से प्यार करो - अपनें आप से प्यार करो
अंग्रेजी से अनुवाद : जसबीर चावला

"You start dying slowly"
This beautiful poem Titled 'Muere Lentamente' is wrongly attributed to 'Pablo Neruda' on the Web. It is the work of  Brazilian writer 'Martha Medeiros',author of numerous books and reporter for the 'Porto Alegre newspaper Zero Hora'. -JASBIR CHAWLA

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