काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Sunday, December 4, 2016
द्वारपाल जज
द्वारपाल जज
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ताक पर हो संविधान
'मौलिक अधिकार’ के पन्ने चिपक जायें
द्वार पर राष्ट्रगान सुनता ऊँघता जज
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
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