कबीर और ड्रायक्लिंनिंग
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‘दास कबीर जतन से ओड़ी,ज्यों कि त्यों धर दीनी चदरिया‘
कबीर घर में घुसे गुनगुनाते हुए
अंदर से कर्कश आवाज आई
भुनभुनाते हुए
ड्रायक्लीन कब करवाओगे
कहा पिनपिनाते हुए
संदूक में क्यों रखी मैली चदरिया‘
कब सुधरोगे कबीर,बोला झल्लाते हुए
😊 जसबीर चावला
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