Wednesday, October 21, 2015

सुकरात और सुअर

सुकरात और सुअर
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मन के असहमत सुकरात को 
मार दिया 
अब पूर्ण संतुष्ट हूँ
बाड़े में बंद सुअर हूँ 

// जसबीर चावला //

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