एक ठिठका हुआ देश
सब चल रहे हैं
लाल क़िला चल रहा
भाषण चल रहा
कश्मीर तेजी से चल रहा
पत्थर पेलेट गन चल रहे
राजनीति चल रही
धर्म गाय की जुगलबंदी चल रही
नोटबंदी चल रही
विपक्ष की हाय हाय चल रही
हिंसा चल रही
मंत्री की ज़ुबान चल रही
जुमला चल रहा
टीवी अखबार पर राष्ट्रवाद चल रहा
बलूचिस्तान में नया सिक्का चल रहा
बस देश ठिठका हुआ है
सब चल रहे हैं
लाल क़िला चल रहा
भाषण चल रहा
कश्मीर तेजी से चल रहा
पत्थर पेलेट गन चल रहे
राजनीति चल रही
धर्म गाय की जुगलबंदी चल रही
नोटबंदी चल रही
विपक्ष की हाय हाय चल रही
हिंसा चल रही
मंत्री की ज़ुबान चल रही
जुमला चल रहा
टीवी अखबार पर राष्ट्रवाद चल रहा
बलूचिस्तान में नया सिक्का चल रहा
बस देश ठिठका हुआ है
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