पहिचान का संकट
कपड़ों से पहचान:पहचान का संकट
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‘दाढ़ीधारी हिंदू’ बछड़े के साथ था
मुसलमान समझा,मार दिया
भीड़ भरी बस में अकेला 'मोना सिख'
हिंदू समझ कर मार दिया
पगड़ीधारी सिख था
गले में टायर डाला,जला दिया
विदेश में मुसलमान समझ कर मार दिया
दलित मरे ढोर की खाल उतार रहा था
गौ हत्यारा कह कर मार दिया
‘पहचान का संकट' बढ़ा है इन दिनों
कुछ कपड़ों से आदमी को पहचानते हैं
सब नहीं कर पाते
कुछ करना होगा
'आधार कार्ड' गले में टंगा हो
'पासपोर्ट' जेब में हो
नग्न होना होगा
गफ़लत न हो मारने वाले को
वक्त पर मारे सही आदमी को
☘️जसबीर चावला
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