ऊपरवाला उसकी लाठी और न्याय - २
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उसकी लाठी बेआवाज
हमारी आवाज भी बेआवाज
ऊपर वाला कहाँ सुनता है
मग्न है आत्मरति में
उसे वहीं रहनें दें
करोडों आकाश ऊपर
लाखों प्रकाशवर्ष दूर
लाखों प्रकाशवर्ष दूर
बहुत ऊंचाई पर रहता है
हमारी आवाज नहीं जाती जहाँ
किसके लिये लाठी वह उठा सकता है यहाँ
// जसबीर चावला //
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