Tuesday, August 18, 2015

वेलेण्टाइन डे / पप्पू लल्ली के नाम

वेलेण्टाइन डे / पप्पू लल्ली के नाम
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प्रिय पप्पू / प्रिय लल्ली
चस्पा हैं तुम्हारे नकली नाम 
ताकि छुपी रहे पहचान
पर सवाल असली हैं
कल पाम ट्री पर कील से खुदा तुम्हारा नाम देखा
दिल के आर पार निकला तीर
संग जीने मरने की कसमें
दस बरस पहले की खुदी तारीख़ 

अंजता एलोरा की दीवारों पर तुम थे
लालकिले,ट्रेनों के बाथरूम में तुम्हारे नाम थे
भूटान की पारो वेली म्युजियम में जिग्मे वांगचू-पेमा नाम लिखे थे 
गीजा के पिरामिड में तुम सलमान-सना थे
दीवारें कर रही बयां तुम्हारा हाल-ए-दिल
रोम के ट्रेवी फ़ाउंटेन में संग संग सिक्के फेंकते 
तुम डेविड-लीसा,स्टेला-राबर्ट के नाम के

पप्पू बताओ लल्ली कहां कैसी है
जिंदा है या दहेज की बली चढ गई 
कहाँ बेटी पैदा करने का दंश झेल रही
सलमान बोलो सना हो चुकी हलाक
सुन कर तलाक तलाक तलाक
कर लिये दो निकाह 
भूले कि शरियत क्या कहती है
डेविड स्टेला अब क्या यही है ट्रेंड 
कितने ब्वाय/गर्ल फ़्रेंडकितने पहनें वेडिंग गाऊन
लीसा राबर्ट ने कितनी अंगूठीयां बदली 
ये बच्चे हम दोनों के हैं 
ये उस पति उस पत्नि से हैं

यह कैफियत है प्यार के फटे परचम की 
प्यार जो किसी पेड़ की डाल से लटका है 
खजुराहो की दीवारों पर धुँधला चुकी है इबारत 
‘आय लव यू पप्पू-आय लव यू टू लल्ली’

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