Wednesday, August 19, 2015

शंघाई टू मुंबई

शंघाई टू मुंबई
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वे चिंतित थे
चिंता से अवगत कराया
वे भी चिंतित हुए
उनकी भी चिंताएँ थी
दोनों की आमने सामने सेनाएँ थी

दोनो चिंताओं से अवगत हुए
ढोकला खाया
झूला झूला
पुनः पधारें
रुखसत हुए

//जसबीर चावला //

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