Tuesday, August 18, 2015

कमरे में क्रांति

कमरे में क्रांति
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तेरह बुलाये चौदह आये 
सब चिंतित थे
फुसफुसाहट से ऊंचे स्वर तक गये
झगड़े गुस्साये
डफली बजाई राग अलापा
साम्राज्यवादी शक्तियों को ललकारा
अलगाववादियों से सावधान किया
साम्प्रदायिक ताक़तों को कोसा
प्रस्ताव पास किया 
कुछ ने वाकआउट किया
मोहल्ले में शंखनाद हुआ
सत्यनारायण की कथा का समापन हुआ


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