काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Monday, August 17, 2015
कफ़न में जेब नहीं होती
कफ़न में जेब नहीं होती
—————————
जिंदे जी कुछ न हुआ
मरना ही नसीब था
उधार का कफ़न
जेब सिलवाई
कृपानिधान की कृपा
बारह रुपये की बीमा पालिसी
वही काम आई
मर कर चैन आया
पहली किश्त चुकाई
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment