काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Tuesday, August 18, 2015
नागलोक
नागलोक
'''''''''''''''''
वे रोज छोड़ते है
ज़हरीले साँप बस्ती में
हम ढूँढते हैं मंत्र
ओझा जहरमोरा
और पीटते हैं लकीर
न पकड़ पाते
न मार पाते
बस जला लेते हैं हाथ
मिटा लेते कुछ और लकीरें
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