मिडीया का चारण युग
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एक भौंका
नुक्कड़ से दूसरा
फिर तीसरा चौथा
सब कुत्ते राग दरबारी गाने लगे
अभिव्यक्ति की आजादी का गला
अभिव्यक्ति की आजादी का गला
अपने हाथों घोंटने लगे
देश को चारणयुग में झोंकने लगे
🌿 जसबीर चावला
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