Monday, August 17, 2015

रंगारंग

रंगारंग
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उन्हे सख़्त नापसंद है हरा रंग
नोच दिये बाग़ से पत्ते
तोतों घुस नहीं सकते
पोत दिया केसरीया 
इन्हे केसरिया नहीं भाता
केशर में भांग मिला दी
हरा किया
दोनों खुश हैं

// जसबीर चावला //

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