Monday, August 17, 2015

पर मैं बेजान नहीं हूँ

पर मैं बेजान नही हूँ
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क्या मै बस इक खबर हूँ 
बेजान अखबारी
टीवी की घिसटती खबर 
चाय की चुस्की से रात के खाने तक की खबर 
जला दी जाऊँ 
बलात्कार कर मार दी जाऊँ 
पेड़ पर टँगी लाश हूँ 
प्रधानमंत्री की चुप्पी हूँ 
गृहमंत्री का सपाट बयान हूँ
संसद का हंगामा
खाप पंचायत का फ़रमान हूँ
राजनीति की बिसात पर बिछी पाँचाली हूँ 
शापग्रस्त अहिल्या
जंतर मंतर की मोमबत्ती हूँ

फिर भी सीनें में कहीं आग है 
धड़कता है दिल मुझमें 
मैं इस बात से बेख़बर नहीं हूँ 


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