पत्रकारिता के अच्छे दिन
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पाषाण काल से आज तक
कब आये सबके अच्छे दिन ?
इनके आ गये
छद्म / पद्म पुरस्कार
विश्वभ्रमण
सुरा / अप्सराओं संग रमण
गले में स्वर्ण पट्टा
हाथों जमीन का पट्टा
अखबारों में छाप रहे
टीवी में भौंक रहे
जागते रहो
अच्छे दिन आ गये
अच्छे दिन आ गये
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