Tuesday, December 3, 2013

इतिहास का मज़ाक़

इतिहास का मज़ाक़ 
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🔲 क्या है इतिहास के मायने ?
राजाओं बादशाहों की जंग ?
किसी की जय पराजय ?
जय या पराजय दोनों का इतिहास होता है

🔲 कुछ लोग रोज टीवी अखबार में रणभूमि रचते हैं
अतीत बिछाते हैं
जिनके पुरखे कभी इतिहास की परीधि में भी न थे 
वे टीवी में हथियार उठाते हैं
शत्रु रच कर एजेंडा थोपते 
दिवंगत इतिहास पुरुषों को जगाते हैं
काल्पनिक आख्यान रचते 
उन्हें कठपुतली समझ हाथों तलवारें थमाते हैं 


🔲 इतिहास स्लेट पर लिखी इबारत नहीं जो मिट जाये
रेखा के साथ रेखा खींच कर बड़ी की जाये
इतिहास के थानें में सदियों बाद 'एफआईआर' नहीं होगी
तब के रोज़नामचे में कैसे आज की आमद दर्ज होगी

🔲 कायरों का भी इतिहास होता है 
गैरहाजिरों को भी इतिहास नोंद करता है 
अतीत में जाने से इतिहास नहीं मिटता
मस्खरों की लीला से पराजित नहीं होता
अतीत में वर्तमान रोपा नहीं जा सकता 

🔲 तटस्थ इतिहास निरपेक्ष होगा 
 जब जैसा हुआ है वैसा ही होगा 

🦉 जसबीर चावला 











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