Tuesday, December 3, 2013

अब्दुल

अब्दुल
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पिछले दंगे में जो शख्स मरा अब्दुल था
उसके पिछले
और उसके पिछले में भी अब्दुल ही था
अब के जो मरा अब्दुल ही था
खुदा की मार मुझ पर
क्या बयां करूं
अगली बार मरेगा जो शख्स
लिखा जायेगा अब्दुल ही था
ओर मरेगा उस दंगे के बाद जो बंदा
कहेंगे अब्दुल ही था

अब्दुल को मरना है बार बार
जब तक जिंदा रहेगा अब्दुल
और उसका नाम

अब्दुल बदलेगा जब नाम
फिर हम कह सकेंगे शान से
बदला है जिस शख्स ने नाम अपना
ईमान अपना
दरअसल वह कोई और नहीं
हमारा अपना अब्दुल ही था

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