अथ:राजनीतिज्ञ कथा
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खरबूजों का समाज है
सड़ान्ध मारते ख़रबूज़ों का
यहाँ स्वागत नहीं दूसरे का
रेल के डब्बे में आये नए यात्री का
इनके अपने नियम कानून हैं
गिरगिट सा रंग बदलना है हर खरबूजे को
दूसरे की खींचनी हैं टांग केकड़े समान
अलग अलग झपटना,नोचना है
झगड़कर खाना है गिद्धों के समान
यह समाज है राजनीतिज्ञों का
गिद्धों,खरबूजों का
गिरगिटों,केकड़ों का
सड़े अंडों का,अपने डंडों झंडों का
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खरबूजों का समाज है
सड़ान्ध मारते ख़रबूज़ों का
यहाँ स्वागत नहीं दूसरे का
रेल के डब्बे में आये नए यात्री का
इनके अपने नियम कानून हैं
गिरगिट सा रंग बदलना है हर खरबूजे को
दूसरे की खींचनी हैं टांग केकड़े समान
अलग अलग झपटना,नोचना है
झगड़कर खाना है गिद्धों के समान
यह समाज है राजनीतिज्ञों का
गिद्धों,खरबूजों का
गिरगिटों,केकड़ों का
सड़े अंडों का,अपने डंडों झंडों का
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