उपक्रम
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बुना गढ़ा हुआ सन्नाटा
मौन तोड़ें
भंग करें पसरी नीरवता उदासी
एक चीख से
चाहे उसाँस से
एक कनखी से
एक आहट से
चुंबन से
दस्तक से
दिल की एक धड़कन से
बस उपक्रम करें
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बुना गढ़ा हुआ सन्नाटा
मौन तोड़ें
भंग करें पसरी नीरवता उदासी
एक चीख से
चाहे उसाँस से
एक कनखी से
एक आहट से
चुंबन से
दस्तक से
दिल की एक धड़कन से
बस उपक्रम करें
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