Tuesday, December 3, 2013

वे ओर उनकी आंखे

उनकी आँखे
देखती ही नहीं
आहट सुनती
नश्तर चुभोती हैं
सूंघती / स्पर्श करती
मन ही मन में
उघाड़ती / निर्वस्त्र कर देती
दुश्कर्म कर लेती
निगल जाती
समूचा बदन
अगले ही क्षण
*
जब से आँखे गँवाई
उनके कानों ने संभाल लिया
नाक और आँखो का काम
अब कान ही
देखते / सूँघते / उघाड़ते हैं

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