कैसा कह दूँ कि मैं आजाद हूँ
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तुम कहते हो मैं आज़ाद हूं
तुम आज़ाद हो
हम सब आज़ाद हैं
*
हां मैं आज़ाद हूं
यह कहने के लिये कि मैं आज़ाद हूं
तुम्हारी हर बात सहने के लिये
हर हाल रहने के लिये
मैं आज़ाद हूं
यह मेरी लक्ष्मण रेखा है
हद है
*
तुम सिद्ध हस्त
कुछ भी कर सकते हो
पक्के खिलाड़ी
हथेली में सरसों उगा सकते हो
सरकार बना / बिगाड़ सकते
हवा में / दिल में / दिल्ली या भोपाल में
तुम सर्वगुण सम्पन्न
सगुण निर्गुण निराकार
कर सकते जोड़ तोड़ हर प्रकार
तुम हर जोड़ में बेजोड़
लगा सकते टांका / चूना
चमका सकते छवि अतीत के खंडहर की
खोल सकते कलई एक दूजे की
चाह कर भी उतार नहीं सकता
तुम्हारा मुलम्मा / नकाब
यह विवशता ही मेरी आज़ादी है
*
मैं आज़ाद हूँ केवल तुम्हैं ही चुनने के लिये
साल दर साल / पांच साल
तुम्हें सुनने के लिये
नाथ के बदले दूसरे नाथ के लिये
एक बांबी से दूसरी बाँबी के सफ़र के लिये
मैं आज़ाद हूं
*
क्योंकि मैं आज़ाद हूं
तुम्हारे भ्रष्टाचार के लिये
मुंह से झड़ते / विचार के लिये
मुझे आज़ादी है चुनाव की
कैसे मरना चाहता हूं मैं
भूख / भय / अत्याचार से
थोपे / ठूंसे गये कुत्सित विचार से
पुलिस के प्रहार से
मैं आज़ाद हूं तुम्हें हीं चुनूं
मतपत्र में कहाँ कालम है
तुम्हें वापस बुला सकूँ
*
भूलूं कि मैंने तुम्हे चुना
तुम आज़ाद रहो / बेलगाम रहो
पस्त रहो / तनसे / मन से
अस्त वयस्त रहो
सत्तामद में / मस्त रहो
लूटते रहो / गिरवी रखो
देश को विदेश में
तुम आकाश कुसुम
न छू सकूं / न आवाज दे सकूँ
यह तुम्हारी आज़ादी है
नहीं चाहता ऐसी आजादी
मुझे चाहिये दूसरी आज़ादी
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