Wednesday, December 4, 2013

पंचायती राज

पँचायती राज
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आज नजर नहीं आया वो प्रेमी जोड़ा
मिलता था रोज
हँसता / कूकता / किलकारी भरता 
ले हाथों मे हाथ 
चुपके से प्यार करता
भविष्य के सपने बुनता 

एक अखबारी खबर 
पेड़ से प्रेमी युगल लटकाया
पँचायत का फैसला 
दोनों की जात अलग थी

एक और जोड़ा लटका
खाप के आदेश से
एक ही गोत्र था उनका

सच कहा है
प्राण जाये तो जाये 
जात न जाये
     
☘ जसबीर चावला 


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