धर्म पताकाएँ
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किसी ने चुराया हरा रंग
किसी ने सफ़ेद
कोई भगवा
तो कोई केसरिया ले उड़ा
नोंच लिया नीला पीला
बाँट लिया इन्द्रधनुष
बना ली धर्म ध्वजाएँ
रंगों से पहिचान बनी
रंगों से पहिचान बनी
रंगों पर झगड़ा हुआ
धर्मं दूर कहीं छिटक गया
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