Tuesday, December 3, 2013

रावण का कद बढ़ता जा रहा

रावण का कद बढ़ता जा रहा 
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लक्ष्मण ने सोचा 
‘लक्ष्मण रेखा’ अचूक उपाय होगा
दुष्टों से बचाव होगा

लक्ष्मण ने कब सोचा 
सीता लांघेगी रेखा 
जलेगी सोने की लंका
रावण मारा जायेगा
         
लक्ष्मण ने कहाँ सोचा 
हर साल दशहरा होगा 
बुराई पर अच्छाई की जीत का नाटक होगा
           🔸
रामलीला करते राम थक गये
बुराई बढ़ती गई
लड़ाई ख़त्म नहीं हुई

हिंसा का तांडव बढ़ता जा रहा
दिल्ली हो पटना या भोपाल हो 
रावण का क़द बढ़ता जा रहा

    ☘️ जसबीर चावला

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