वैज्ञानिक का कायाकल्प
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संस्कृति / संस्कार / परंपरा धनी वैज्ञानिक पति
पोष माह के शुक्ल पक्ष की तिथी ग्यारह से माघ माह के शुक्ल पक्ष के मध्य की तिथी बारह को पांचाग बाँचा
संगम पर कुंभ मेले में वास किया
पत्नि संग 'कल्पवास' किया
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पर्ण कुटी में धरती पर सोये
धैर्य / अहिंसा / सदाचारी रहे
इन्द्रियों पर क़ाबू किया
इन्द्रियों पर क़ाबू किया
स्वयंम भोजन बनाकर एक बार खाया
प्रातःकाल उठ भजन गाये
त्रिकाल संध्या / सत्संग किया
दिन में तीन बार त्रिवेणी स्नान किया
पत्नि संग तप किया
होम कर स्वर्ण दान किया
घृतदीप जलाये
ईशान कोण में ग्रहों की स्थापना की
ब्राह्मण जिमाये
सब विधी विधान से किया
मोक्ष की कामना की
मुक्ति मांगी जन्म जन्मातंरो से
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समय के अंतराल से उनका 'कायाकल्प' हुआ
माँ के आज्ञाकारी पुत्र ने पत्नि को घर से निकाल दिया
उसने दूसरी बेटी जनी थी
वैज्ञानिक जानते थे
लिंग का निर्धारण करते हैं पुरुष के क्रोमोसोम वाय एक्स
वैज्ञानिक जानते थे
लिंग का निर्धारण करते हैं पुरुष के क्रोमोसोम वाय एक्स
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मोक्ष तो बेटे से मिलता है
वंश बेटे से चलता है
अर्थी को कंधा / मुखाग्नि / श्राद्ध / तर्पण बेटा करता है
विज्ञान क्या जाने गूढ़ बातें
समाज रूढीयों / अंध विश्वासों / बंधनों से चलता है
समाज रूढीयों / अंध विश्वासों / बंधनों से चलता है
इसीलिये यहां सब चलता है
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