बार बार
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मन आँखें उत्सुक होते हैं
जानते हैं
रंग बिरंगे चमकीले कागज से लिपटा डब्बा
सस्ता सा उपहार होगा
खोल कर देखने छूने की जिज्ञासा
ऐसी ही बेचेनी / अतृप्ति
ले जाती है बार बार कदमो को
किसी अज्ञात की तलाश में
ठगाने के लिए
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मन आँखें उत्सुक होते हैं
जानते हैं
रंग बिरंगे चमकीले कागज से लिपटा डब्बा
सस्ता सा उपहार होगा
खोल कर देखने छूने की जिज्ञासा
ऐसी ही बेचेनी / अतृप्ति
ले जाती है बार बार कदमो को
किसी अज्ञात की तलाश में
ठगाने के लिए
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